चतरा। रविवार को शहर के पोस्ट ऑफिस चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में एकदिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार के इस निर्णय पर गहरी आपत्ति जताई गई और इसे महात्मा गांधी के विचारों व योगदान का अपमान बताया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. रामेश्वर उरांव, रामचंद्र सिंह, नमन विकसल कोनगाड़ी एवं सोनाराम सिंकु शामिल हुए। इसके अलावा पार्टी जिलाध्यक्ष, महिला नेत्री आभा ओझा, ओमप्रकाश पाठक सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक कार्यक्रम में मौजूद रहे। उपवास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का नाम महात्मा गांधी से जुड़ा होना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सत्य, अहिंसा और श्रम की गरिमा के विचारों का प्रतीक है। गांधी जी का नाम हटाना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम देश की आत्मा से जुड़ा है। मनरेगा से उनका नाम हटाना इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विरोध शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का भी स्मरण करते हुए कहा कि गांधी और अंबेडकर दोनों ही सामाजिक समानता और न्याय के मजबूत स्तंभ रहे हैं। उनके आदर्शों के बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है। कार्यक्रम का संचालन सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म, चतरा के चेयरमैन की ओर से किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि महात्मा गांधी के नाम और विचारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखा जाएगा।
मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में एकदिवसीय उपवास, अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष प्रतीकात्मक प्रदर्शन

On: January 12, 2026 1:01 AM

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