रिश्ते और सिस्टम दोनों कटघरे में 🔹 शक और धोखे से शुरू हुई दर्दनाक कहानी, पुलिस से इंसाफ की गुहार, पर मिली बेरुखी, 🔹 सिस्टम की चुप्पी और पीड़िता की त्रासदी
डिजिटल डेस्क, News Scale Live:
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से आई यह दर्दनाक खबर न सिर्फ रिश्तों पर बल्कि सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां एक पति ने शक के चलते अपनी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लेकिन जब पीड़िता पुलिस के पास न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची, तो उसे इंसाफ के बजाय उपेक्षा मिली। आखिरकार, निराश होकर महिला ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की।
🔹 शक और धोखे से शुरू हुई दर्दनाक कहानी
बरगवां थाना क्षेत्र के ओडगढ़ी गांव निवासी विजय दुबे को अपनी पत्नी पर किसी अन्य पुरुष से संबंध होने का शक था। उसने रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया और जो देखा उसे अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद पति-पत्नी में विवाद बढ़ा और पत्नी मायके चली गई। वहीं, पत्नी के कथित परिचित संजय सिंह ने दावा किया कि उसका महिला से कोई संबंध नहीं है और उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है। इसके जवाब में गुस्से में आकर विजय दुबे ने अपनी पत्नी का ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया — लेकिन कानून के लिए नहीं, बल्कि इंतकाम के लिए।
अपनी इज्जत और मान-मर्यादा तार-तार होते देख पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी। उसने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। पीड़िता थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक के चक्कर लगाती रही, लेकिन मामला फाइलों में दबा रह गया।
पुलिस की बेरुखी और समाज की बेदर्दी के बीच महिला ने आखिरकार हार मान ली। उसने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। समय रहते परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
सिटी एसपी पुन्नु परस्ते ने कहा — “हमें जानकारी मिली है कि एक महिला ने जहर खाकर सुसाइड अटेम्प्ट किया है। मामला संज्ञान में है। सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल किए जाने की भी जांच की जा रही है। पहले भी महिला की शिकायत दर्ज थी, जिसकी जांच चल रही थी।” अब पुलिस जांच टीम गठित करने की बात कह रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है — “अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो क्या आज यह नौबत आती?”
📰 निष्कर्ष:
एक तरफ शक ने एक परिवार को तोड़ दिया, तो दूसरी तरफ सिस्टम की उदासीनता ने एक महिला को जीवन और मृत्यु के बीच खड़ा कर दिया। यह मामला बताता है कि तकनीक का दुरुपयोग और संस्थागत लापरवाही, दोनों मिलकर समाज को कितना गहरा घाव दे सकते हैं।




















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