लोहरदगा। जनकल्याण सृजन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रवक्ता सह कांग्रेसी विचारक रामाधार ने कहा कि यदि कांग्रेस आगामी चुनावों में भाजपा को हराना चाहती है तो उसे तुष्टीकरण की राजनीति से बाहर निकलकर संगठनात्मक अनुशासन और व्यापक जनएकता की राह पर चलना होगा। उन्होंने अल्पसंख्यक एकता मंच द्वारा कांग्रेस नेतृत्व के निर्णय के विरोध में प्रेस वार्ता आयोजित करने को अत्यंत अनुशासनहीन बताया और कहा कि ऐसी गतिविधियाँ पार्टी की एकता और मर्यादा दोनों को कमजोर करती हैं। रामाधार ने कहा कि कांग्रेस किसी एक जाति या धर्म की नहीं, बल्कि देश की विविधता और सर्वसमावेशी विचारधारा की प्रतीक है। पार्टी “सबका साथ, सबका विश्वास” की भावना के साथ आगे बढ़ी है, किंतु कुछ लोग व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और संकीर्ण सोच के कारण संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोहरदगा जिले में मुस्लिम आबादी लगभग 20.57% है और संगठन में उनकी उचित भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सात में से तीन प्रखंड अध्यक्ष मुस्लिम समाज से हैं। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद पर गैर-मुस्लिम नियुक्ति पर असंतोष व्यक्त करना अनुचित है। रामाधार ने कहा कि सुखैर भगत ने अपने कार्यकाल में संगठन को मजबूती दी और नेतृत्व के निर्णयों का सम्मान किया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पुनः जिलाध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर पार्टी संविधान, नेतृत्व और अनुशासन के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान किया ताकि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को हराया जा सके।
भाजपा को हराना है तो तुष्टीकरण से बाहर निकलना होगाः रामाधार

On: October 7, 2025 2:06 AM

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