बीपीओ का पद रिक्त रहने से मनरेगा कार्य हो रहा बाधित, मजदूरों को नहीं मिल पा रहा रोजगार
मयूरहंड(चतरा)। जिले के मयूरहंड प्रखंड में मनरेगा बीपीओ का पद रिक्त रहने से मनरेगा कार्यों में शिथिलता के साथ कई पंचायत में डिमांड शून्य हो जा रहा है। जिसके कारण मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ज्ञात हो कि प्रखंड में पदस्थापित बीपीओ नीरज कुमार की नियुक्ति शिक्षक में हो जाने के कारण बीपीओ से 18 अक्टूबर को त्यागपत्र दे दी गई है। तबसे प्रखंड में बीपीओ का पद रिक्त पड़ा हुआ है। विभागीय उदासीनता के कारण एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बीपीओ की प्रतिनियिुक्ती नही हुई है। मनरेगा अधिनियम के तहत कार्य प्रांरभ करने के पूर्व बीपीओ की स्वीकृति अनिवार्य होती है। परंतु पद रिक्त रहने के कारण दीदी बाड़ी, टीसीबी, मेढबंदी कार्य रुका हुआ है। जहां आकांक्षी प्रखंड को विकास कर इससे छुटकारा पाना है, वहीं इस तरह के लापरवाही सवाल खड़ा कर रहा है। क्या आकांक्षी हीं रहेगा प्रखंड, केवल बैठक पर हीं सीमित है।




















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