चतरा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक कार्यरत कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। राज्य आवास कर्मी संघ ने कहा है कि यदि सरकार जल्द मानदेय वृद्धि सहित अन्य मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015-16 से अनुबंध पर कार्यरत कर्मी ग्रामीण गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद महंगाई के इस दौर में उन्हें बहुत कम मानदेय मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ज्ञापन देकर सरकार और विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कर्मियों की प्रमुख मांगों में प्रखंड लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 36 हजार रुपये, जबकि प्रखंड समन्वयक का मानदेय 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 45 हजार रुपये करने की मांग शामिल है। इसके अलावा जिला स्तर के कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी, राज्य स्तर के विशेषज्ञों के मानदेय में 70 प्रतिशत वृद्धि, ग्रेड-पे निर्धारण, 5 प्रतिशत क्षेत्र भ्रमण भत्ता, अपील समिति का गठन तथा कार्यकाल 60 वर्ष तक करने की मांग भी रखी गई है। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि मांगों के समर्थन में 17 से 20 मार्च तक राज्यव्यापी सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने पर 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सुचारू संचालन में इन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि आंदोलन होता है तो इससे ग्रामीण गरीबों को आवास मिलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सरकार को जल्द पहल कर कर्मियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। मौके पर ईश्वर साव, फरहत नाजनी, नाजिर अख्तर, सुमित कुमार, आनंद कुमार, सुमित कुमार समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।
मानदेय वृद्धि समेत मांगों को लेकर आवास कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, 17 से 20 मार्च तक सांकेतिक हड़ताल, मांगें पूरी नहीं होने पर 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल

On: March 10, 2026 8:37 PM

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