आर्ट ऑफ लिविंग ने लगातार 16वें वर्ष मनाया ‘वन रक्षाबंधन’; प्रो० जय प्रकाश के नेतृत्व में ग्रामीणों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प।
टंडवा (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
आध्यात्मिक गुरु और पद्मविभूषण रविशंकर के जन्मदिवस के पावन अवसर पर चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत सिसई जंगल में एक अनूठी पहल की गई। आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो० जय प्रकाश रजक के नेतृत्व में लगातार 16वें वर्ष ‘वन रक्षाबंधन’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति और मानव के अटूट रिश्ते को दर्शाया गया।
गुरु पूजा से हुई शुरुआत, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गुरु पूजा के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रो० जय प्रकाश रजक ने कहा कि श्री श्री रविशंकर जी का उद्देश्य पूरे विश्व को रोगमुक्त काया, तनावमुक्त मन और हिंसामुक्त समाज प्रदान करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेड़ों की सुरक्षा ही हमारे अस्तित्व की सुरक्षा है और पर्यावरण को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
‘जंगल है तो मंगल है’ प्रतियोगिता के विजेता हुए पुरस्कृत
मुख्य कार्यक्रम से पूर्व विक्की कुमार रंजन एवं मनोज कुमार के देखरेख में ‘जंगल है तो मंगल है’ विषय पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
हवा भी पानी की तरह न खरीदनी पड़े, इसलिए पेड़ों को बचाना जरूरी
कार्यक्रम के सबसे भावुक क्षण में सभी उपस्थित लोगों ने सिसई जंगल के पेड़ों में रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने सामूहिक संदेश दिया कि यदि आज हमने जंगलों को नहीं बचाया, तो भविष्य में वह दिन दूर नहीं जब हमें सांस लेने के लिए हवा भी पानी की बोतलों की तरह खरीदनी पड़ेगी। संकल्प लिया गया कि बेहतर भविष्य के लिए वृक्षारोपण और उनकी सुरक्षा हर नागरिक का धर्म होना चाहिए।
इनका रहा सराहनीय योगदान
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में मुकेश आनंद, शिवनाथ रजक, मुकेश, मनोज, विक्की, बजरंगी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






















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