प्रखंड कार्यालय, बैंक और हाट-बाजार में शौचालय नहीं होने से लोग खुले में शौच को मजबूर; स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से की निर्माण की मांग
मयूरहंड (चतरा) | न्यूज़ स्केल लाइव
चतरा जिले के आकांक्षी प्रखंड मयूरहंड को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘खुले में शौच से मुक्त’ (ODF) घोषित हुए लगभग आठ वर्ष बीत चुके हैं। कागजों पर ओडीएफ का तमगा मिलने के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि आज तक प्रखंड के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके कारण प्रखंड मुख्यालय आने वाले सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन शर्मिंदगी और भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं के लिए स्थिति और भी बदतर प्रखंड मुख्यालय मयूरहंड और करमा चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सार्वजनिक शौचालय का अभाव सबसे अधिक महिलाओं के लिए मुसीबत बना हुआ है। प्रखंड कार्यालय या बैंक पहुंचने वाली महिलाओं को शौचालय की सुविधा न मिलने के कारण मजबूरी में अगल-बगल के घरों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। खुले में शौच के लिए विवश होने के कारण महिलाओं को अक्सर शर्मसार होना पड़ता है।
80 हजार की आबादी और महत्वपूर्ण संस्थान, फिर भी व्यवस्था शून्य मयूरहंड प्रखंड की दस पंचायतों में लगभग 80 हजार की आबादी निवास करती है। प्रखंड मुख्यालय में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक और पंजाब नेशनल बैंक स्थित हैं, साथ ही यहाँ रविवार और गुरुवार को साप्ताहिक हाट लगती है। इसी प्रकार, करमा चौक पर एसबीआई बैंक होने के साथ-साथ मंगलवार और शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। इन दोनों ही केंद्रों पर प्रतिदिन प्रखंड के दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से बुनियादी सुविधाओं की घोर अनदेखी की जा रही है। जिला प्रशासन से निर्माण की गुहार क्षेत्र के ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस ओर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मयूरहंड प्रखंड मुख्यालय और करमा साप्ताहिक हाट जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर जल्द से जल्द शौचालय का निर्माण कराया जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन का वास्तविक लाभ जनता को मिल सके और महिलाओं को परेशानी से निजात मिले।






















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