सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे भुसाड़, मढ़वा समेत पांच गांव
चतरा। लावालौंग प्रखंड क्षेत्र के कोलकोले पंचायत अंतर्गत भुसाड़, मढ़वा, सम्भे, लेमोडीह और विशनपुर गांव आजादी के करीब 78 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि देश जहां आधुनिकता, डिजिटल भारत, आत्मनिर्भर भारत और तेज विकास की ओर बढ़ रहा है, वहीं उनका गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है, जिससे खासकर बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। गांवों में बिजली व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और लोग अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीण डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित रह जाते हैं। आपात स्थिति में किसी से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका आरोप है कि उनके क्षेत्र को वर्षों से विकास कार्यों में नजरअंदाज किया गया है, जिसके कारण लोग उपेक्षा, गरीबी, बेरोजगारी और कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन पांचों गांवों में सड़क निर्माण, नियमित बिजली आपूर्ति और मोबाइल टावर लगाने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे। आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे इन गांवों की स्थिति विकास व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।






















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