हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत जोलडीहा पंचायत का गुबे टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में करीब 50 घरों के लगभग 500 आदिवासी लोग निवास करते हैं, लेकिन आजादी के 78 वर्ष बाद भी यहां तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीणों के अनुसार झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्राम सुरहुद से गुबे तक लगभग छह किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए सितंबर 2024 में शिलान्यास किया गया था। गांव वालों ने उम्मीद की कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या दूर होगी, लेकिन शिलान्यास के कई माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए जंगली और पहाड़ी पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ग्रामीण बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे खाट या बाइक से कठिन रास्तों से होते हुए इलाज के लिए ले जाना पड़ता है। महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक है। प्रसव के समय ममता वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता, जिससे अधिकांश प्रसव घर पर ही कराना पड़ता है। इससे मां और नवजात दोनों की जान पर खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं गांव से कोसों दूर हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि वे भी मुख्यधारा से जुड़ सकें और विकास की रोशनी उनके गांव तक पहुंच सके।
78 साल बाद भी सड़क से वंचित गुबे टोला, शिलान्यास के छह माह बाद भी निर्माण शुरू नहीं, बीमारों को खाट पर ढोने को मजबूर ग्रामीण

On: February 27, 2026 1:14 AM

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