Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

अजा बालिका आवासीय उच्च विद्यालय में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

न्यूज स्केल संवाददाता
सिमरिया(चतरा)। देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस गुरुवार को शिक्षक दिवस के रूप में पूरेसिमरिया प्रखंड में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। सिमरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुसूचित जाति बालिका आवासीय उच्च विद्यालय सिमरिया में शिक्षक कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सेवानिवृत शिक्षक जनार्दन सिंह, उपेंद्र रजक, विद्यालय के प्रधानाचार्य रामप्रवेश केवट, राम पदारथ सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित एवं राधा कृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। वक्ताओं ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने लगभग 40 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दिया। वह आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय में 1931 से 1936 तक कुलपति थे। उन्होंने ऑक्सफॉर्ड में पूर्वी धर्म और नैतिकता के विषय पर 1936 से लगातार 16 साल तक पढ़ाया था। कहा जाता है कि एक बार उनके सहयोगियों और शिष्यों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने के लिए आज्ञा मांगा तो उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि मेरे जन्मदिवस को यदि शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे अत्यंत खुशी होगी। इसके बाद से राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

आकाशीय बिजली का महा-तांडव: वज्रपात की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत; आठ लोग घायल, अस्पताल में मची चीख-पुकार

हायवा के टायर फटने से चालक की मौत; इंस्पेक्टर की पहल पर ₹4 लाख मुआवजा वार्ता के बाद जाम समाप्त

तेज रफ्तार ट्रक का कहर, साइकिल सवार नींबू विक्रेता की मौत; सिर के ऊपर से गुजरा पहिया

काल बनी कोयला लदी ट्रक: पिकअप को रौंदा; हादसे में सगे भाइयों समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत, सीएम ने जताया गहरा दुख

जैप 1 ग्राउंड में झमाझम बारिश के बीच सीएम का बड़ा ऐलान: बुनियादी प्रशिक्षुओं के पारण परेड-2026 में लिया हिस्सा; पुलिसकर्मियों के लिए बनेंगे आधुनिक आवासीय विद्यालय

मानवता शर्मसार: बीसीसीएल कर्मी का कातिल निकला खुद का मंझला बेटा; पत्थर से कुचला था चेहरा

Leave a Comment