न्यूज स्केल डेस्क
रांची। होमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद 02 फरवरी 2024 को जेएमएम विधायक चंपई सोरेन ने 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ ही कांग्रेस के आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता ने मंत्री पद की शपथ ली। ज्ञात हो कि हेमंत सोरेन ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके पूर्व से कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन मुख्यमंत्री बन सकती हैं, लेकिन परिवार में आपत्तियों के बीच झामुमो की बैठक में चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया। चंपई सोरेन और गठबंधन के अन्य नेताओं ने बुधवार की रात को, इसके बाद गुरुवार को भी राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इसके बाद शपथ के लिए गुरुवार की तिथि तय की गई। दूसरी ओर हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद से राज्य में मुख्यमंत्री न होने की वजह से भ्रम की स्थिति बन गई थी और इसके कारण राजनीतिक संकट गहरा गया था और तरह तरह के कयास लयाये जाने लगे थे। लेकी आज चंपई सोरेन ने 12वें मुख्यमंत्री तथा आलमगीर आलम व सत्यानंद भोक्ता ने मंत्री पद की सपथ लेने के साथ कयासों पर विराम लग गया है। नए सीएम को 5 फरवरी को बहुमत साबित करना होगा
जाने चंपई सोरेन कौन हैं?
झामुमो के मुखिया शिबू सोरेन के वफादार माने जाने वाले राज्य के निवर्तमान परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को 1990 के दशक में अलग (झारखंड) राज्य के लिए चली लंबी लड़ाई में योगदान देने को लेकर झारखंड टाइगर के नाम से जाना जाता है। श्री सोरेन ने 1991 में सरायकेला सीट से उपचुनाव में निर्दलीय विधायक चुने जाने के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी। आज झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री बन चुके हैं।



















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