रोजगार और बाहरी लोगों के नियोजन को लेकर एनसीसी पर आरोप; शिवपुर, हांडु और परशान के रैयत-कामगार आंदोलन की तैयारी में, उपायुक्त और एसपी को भी दी गई प्रतिलिपि
टंडवा (चतरा)। सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना में लंबे समय से स्थानीय रैयतों और कामगारों में असंतोष पनप रहा है। अब रैयतों ने 3 नवंबर से आम्रपाली-शिवपुर कोल ट्रांसपोर्टिंग को अनिश्चितकाल के लिए ठप करने की घोषणा की है। इस आशय का पत्र 31 अक्टूबर को परियोजना के जीएम को सौंपा गया है, जिसकी प्रतिलिपि उपायुक्त चतरा, एसपी, एसडीपीओ, एसडीओ और टंडवा थाना प्रभारी को भी दी गई है। पत्र पर होन्हे गांव के प्रदीप गंझू, अन्दु गंझू, अशेश्वर यादव, दशरथ गंझू, मुकेश यादव समेत अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।
बताया गया कि 20 सितंबर को ग्रामीणों ने जीएम को पत्र सौंपकर कोयला उत्खनन और परिवहन का ठेका लेने वाली नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनसीसी) पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के नियोजन और अपने मातहतों को विशेष लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए थे। रैयतों का कहना है कि इस पर समुचित विभागीय कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे नाराज हैं।
पिछले दिनों रोजगार और मुआवजे के मुद्दे पर शिवपुर, हांडु और परशान के रैयतों का आंदोलन बिखर गया था। उससे सबक लेते हुए इस बार आंदोलन को ज्यादा धारदार बनाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। चर्चा है कि प्रभावित गांवों के रैयत और कामगार प्रस्तावित आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल हो सकते हैं।
आरोप यह भी है कि एनसीसी को हजारों करोड़ रुपये का ठेका मिला है, फिर भी वह सीसीएल के तय लक्ष्यों से काफी पीछे है, और शिवपुर रेलवे साइडिंग तक कोल ट्रांसपोर्टिंग का जिम्मा संभालने वाली एवीएस के यहां बकायेदार भुगतान के लिए चक्कर काटते हैं। ये बातें स्थानीय स्तर पर कही जा रही हैं और इनकी पुष्टि कंपनियों या सीसीएल की ओर से नहीं हुई है।


















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