जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संघरी घाटी की मरम्मत में देरी पर नाराजगी; 2026 में सड़क हादसों में मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के लिए खनन परियोजनाओं से राशि मांगने का निर्देश
चतरा। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था की मजबूती, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार कार्य और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की गई। पूर्व की बैठक के निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा हुई।
भारी वाहनों के लिए नए निर्देश: जनप्रतिनिधियों ने भारी वाहनों में खलासी नहीं होने और चालकों के लगातार छह घंटे से अधिक वाहन चलाने से हादसों की आशंका का मुद्दा उठाया। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कोल परियोजनाओं के छह घंटे से अधिक चलने वाले भारी वाहनों में दो चालक और एक खलासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी वाहनों में निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन कराने को भी कहा गया। साथ ही नो-एंट्री अवधि में सभी भारी वाहनों को संबंधित कंपनियों के परिसर के भीतर ही खड़ा रखने का निर्देश दिया गया।
जांच अभियान: जिला परिवहन पदाधिकारी को “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नियम का अक्षरशः पालन कराने और ड्रिंक एंड ड्राइव व यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा गया।
ब्लैक स्पॉट और सड़कें: ब्लैक स्पॉट की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संघरी घाटी में सड़क की खराब हालत और मरम्मत में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने एनएचएआई के प्रतिनिधि को अविलंब मरम्मत पूरी कराने और संबंधित संवेदक पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सिमरिया रोड के गड्ढे भरने और इटखोरी-नगवां में नवनिर्मित पुल के शेष कार्य जल्द पूरे कर आवागमन चालू कराने को भी कहा गया।
मुआवजा: हिट एंड रन के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कर पात्र आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा देने का निर्देश दिया गया। वर्ष 2026 में सड़क हादसों में मरने वालों के आश्रितों को प्रति मृतक 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए सभी संबंधित खनन परियोजनाओं से राशि की मांग करने को कहा गया।
खनन परियोजनाओं को निर्देश: परियोजना प्रबंधकों को क्षेत्र में चलने वाले वाहनों के जीपीएस एक्सेस की आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि गति सीमा तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई हो सके। उन्हें अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन व्यवस्था मजबूत कर ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित करने और 24 घंटे चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
अतिक्रमण और जाम: चतरा बाजार में सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं और दुकानदारों के अतिक्रमण से लगने वाले जाम पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर यातायात सुचारू रखने का निर्देश दिया।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 25 मई से 4 जून 2026 तक कार्यशाला आयोजित कर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया था। साथ ही गुड सेमेरिटन योजना के तहत हादसे के घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले जिले के 40 लोगों को अब तक लाभान्वित किया जा चुका है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, एसडीओ सिमरिया प्रदीप कुमार महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी दिलीप कुमार, मोटरयान निरीक्षक नीरज कुमार, सांसद और विधायक प्रतिनिधि, नगर परिषद अध्यक्ष अताउर रहमान, खनन परियोजनाओं के प्रतिनिधि, कार्यपालक अभियंता, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



















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