स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर व पाइपलाइनों की जांच; कमियां मिलने पर तत्काल सुधार
औरंगाबाद (बिहार), सुनील कुमार मिश्र, संवाददाता। पूर्व मध्य रेल में यात्रियों एवं रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष गुणवत्ता जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों और कार्यालयों में पेयजल से जुड़े विभिन्न स्रोतों की नियमित जांच एवं रखरखाव किया जा रहा है।
रेल प्रशासन के अनुसार स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटरटैप, वाटर फिल्टर, पेयजल वितरण केंद्रों और पाइपलाइनों की सघन जांच की जा रही है। जांच के दौरान अवशिष्ट क्लोरीन, जीवाणु संवर्धन तथा विभिन्न रासायनिक परीक्षण किए जा रहे हैं।

पांच मंडलों में अलग-अलग स्तर पर जांच
अभियान के तहत दानापुर मंडल में 177 अवशिष्ट क्लोरीन, 2 जीवाणु संवर्धन और 1 रासायनिक परीक्षण सहित कुल 180 पेयजल गुणवत्ता परीक्षण किए गए। वहीं धनबाद मंडल में 956 अवशिष्ट क्लोरीन, 23 जीवाणु संवर्धन और 1 रासायनिक परीक्षण किया गया।
इसी प्रकार सोनपुर मंडल में 319 अवशिष्ट क्लोरीन, 21 जीवाणु संवर्धन और 6 रासायनिक परीक्षण किए गए। इन तीन मंडलों में ही कुल 1,484 परीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा समस्तीपुर एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडलों में भी पानी के नमूने एकत्र कर उनकी भौतिक, रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के साथ अवशिष्ट क्लोरीन की जांच की जा रही है।
पाइपलाइनों की भी हो रही जांच
रेल प्रशासन द्वारा पेयजल आपूर्ति से जुड़ी पाइपलाइनों और पाइपिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच की जा रही है। जांच के दौरान कमियां सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। रेल प्रशासन के अनुसार यह विशेष अभियान पूर्व मध्य रेल के पांचों मंडलों के सभी रेलवे स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों और कार्यालयों के पेयजल स्थलों की जांच एवं आवश्यक सुधार तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य यात्रियों और रेलकर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना तथा पेयजल व्यवस्था में किसी भी कमी को समय रहते दूर करना है।
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