प्रेस वार्ता कर निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर रखी बात, बोलीं—आयोग के फैसलों पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों को समझना जरूरी
गुमला, झारखंड | न्यूज स्केल लाइव संवाददाता।
गुमला नगर परिषद अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शकुंतला उरांव ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की प्रक्रिया चला रहा है।
शकुंतला उरांव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े तथ्यों को सामने रखना आवश्यक है।

26 सितंबर की बैठक के बाद निर्वाचन आयोग ने क्या कहा?
निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की बैठक के बाद एसआईआर से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जारी एसआईआर संबंधी आदेश को आयोग की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। आयोग के अनुसार, बाद में 12 और 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जारी कार्यक्रमों को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।
निर्वाचन आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में एसआईआर की वैधता को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक निर्णय सारांश के अनुसार, अदालत ने बिहार में एसआईआर को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग के अधिकार क्षेत्र में माना तथा संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर भी आयोग ने दिया स्पष्टीकरण
शकुंतला उरांव ने प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग के उस स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया, जिसमें कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र को लेकर उठे सवालों पर आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। आयोग के अनुसार, यह पत्र किसी चुनाव नीति या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा प्रशासनिक विषय था। आयोग ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा किए गए कार्य-वितरण संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे।
फॉर्म-6 और छूटे मतदाताओं को लेकर आयोग का रुख

एसआईआर प्रक्रिया में फॉर्म-6 के इस्तेमाल को लेकर भी आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने कहा कि एसआईआर के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के समक्ष नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा नए और पहली बार मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं के लिए भी उपलब्ध है।
आयोग ने यह भी बताया कि जिन लोगों को एसआईआर के दौरान ‘अनमैप्ड’ या तार्किक विसंगति के आधार पर नोटिस जारी किया गया है, उनके दस्तावेज अब सामान्यतः बूथ लेवल अधिकारी घर जाकर एकत्र कर सकते हैं। ऐसे मतदाताओं को हर मामले में निर्वाचन कार्यालय बुलाना जरूरी नहीं होगा। विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई का विकल्प भी रखा गया है।
गरीब, श्रमिक और बेघर लोगों के लिए विशेष व्यवस्था
निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरत के अनुसार रैन बसेरों, मजदूरों, गरीब और बेघर लोगों सहित अन्य कमजोर वर्गों के लिए सहायता केंद्र एवं विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात भी कही है।
आयोग के अनुसार, एसआईआर 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। शेष चरण के राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही कुल मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
राहुल गांधी के बयानों पर शकुंतला उरांव का हमला
प्रेस वार्ता में शकुंतला उरांव ने राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ‘वोट चोरी’ और अन्य आरोपों के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा ईवीएम, चुनाव आयोग और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर दिए गए पुराने बयानों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करता है। ये राजनीतिक आरोप हैं और इनके संबंध में अलग-अलग दलों की अलग-अलग व्याख्याएं और प्रतिक्रियाएं रही हैं।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेत्रियां भी रहीं मौजूद

प्रेस वार्ता के दौरान शकुंतला उरांव के साथ भाजपा नेत्री सावित्री देवी, पुष्पा देवी, मीणा देवी, रेखा सिन्हा और नीलम गुप्ता मौजूद रहीं। प्रेस वार्ता में एसआईआर से जुड़े निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया, छूटे मतदाताओं के लिए उपलब्ध विकल्प और आयोग के निर्णयों को लेकर भाजपा का पक्ष रखा गया।
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