रजिस्ट्रेशन नहीं होने का हवाला देकर स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई, ग्रामीणों ने सीएचसी पहुंचकर किया विरोध
गिद्धौर (चतरा)। प्रखंड मुख्य चौक स्थित ग्रामीण बैंक के सामने संचालित बंगाली दादा के क्लीनिक को गुरुवार की देर रात सील कर दिया गया। कार्रवाई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुमित कुमार जायसवाल, बीडीओ सह दंडाधिकारी राहुल देव एवं थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री की मौजूदगी में की गई।
बताया गया कि क्लीनिक को सील किए जाने से पहले गुरुवार की शाम सिविल सर्जन स्वयं क्लीनिक पहुंचे थे। उस समय क्लीनिक में मरीज को सलाइन चढ़ाया जा रहा था। सिविल सर्जन के निर्देश के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने क्लीनिक की जांच की। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, ग्रामीणों से क्लीनिक के अवैध रूप से संचालन की सूचना मिली थी। जांच के दौरान क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया।
कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने किया हंगामा
क्लीनिक सील किए जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। दवाएं भी नियमित रूप से नहीं मिलती हैं, जिसके कारण इलाज के लिए लोगों को चतरा अथवा हजारीबाग जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि बंगाली दादा कम खर्च में लोगों का इलाज करते हैं और मरीजों को राहत मिलती है। इसी कारण क्लीनिक को सील किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

इसके बाद ग्रामीण रात करीब 10 बजे तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में डटे रहे और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत अन्य लोगों का विरोध किया। काफी समझाने-बुझाने और मशक्कत के बाद ग्रामीणों को क्लीनिक को लेकर आश्वासन दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल क्लीनिक के संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और ग्रामीणों के विरोध के बीच क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।




















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