ओवरलोड भारी वाहनों पर रोक और सड़क सुरक्षा की मांग, 9 अगस्त से चक्का जाम का ऐलान
चतरा। चतरा जिले के टंडवा प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न कोल परियोजनाओं के साथ-साथ हजारीबाग जिले के केरेडारी क्षेत्र से प्रतिदिन हजारों टन कोयले का परिवहन टंडवा, सिमरिया, चतरा और गिद्धौर की ग्रामीण सड़कों से भारी वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से जिले की कई प्रमुख एवं ग्रामीण सड़कें अत्यधिक दबाव में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और भारी वाहनों के लगातार परिचालन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन वाले मार्गों पर पैदल चलना, साइकिल या मोटरसाइकिल से आवागमन करना भी जोखिम भरा हो गया है। भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल, ध्वनि प्रदूषण और सड़कों के तेजी से जर्जर होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर दुर्घटनाओं के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकलने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि कोयला परिवहन में लगे वाहनों की गति पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो। इसके अलावा दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर और पर्याप्त सड़क सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि औद्योगिक विकास और कोयला परिवहन आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके साथ आम नागरिकों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सांसद और विधायक की ओर से संबंधित विभाग को कोयला परिवहन पर रोक लगाने को लेकर पत्राचार किया गया है। वहीं, इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाए जाने का दावा किया गया है। दूसरी ओर, जेएमएम नेता मनोज कुमार चंद्रा ने कोयला वाहनों के परिचालन को बंद कराने की मांग को लेकर 9 अगस्त से चक्का जाम करने का ऐलान किया है।

अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था लागू होती है या नहीं।





















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