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अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन पूरी तरह ध्वस्त, उखड़ी परत; जानलेवा गड्ढों के कारण रात में चलना हुआ दूभर

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मुख्य मार्ग पर दावों की खुली पोल: गड्ढों में तब्दील हुई सड़क; मरीजों-स्कूली बच्चों की बढ़ी आफत, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

न्यूज स्केल लाइव

चतरा (पत्थलगड़ा)। झारखंड सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और चौतरफा विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच, चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत भेलवारा से गिद्धौर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इस समय अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रही है। स्थानीय प्रशासन, विभागीय अभियंताओं और क्षेत्र के रसूखदार जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी व उदासीनता के कारण यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से जर्जर और जर्जरता के अंतिम कगार पर पहुंच चुका है।

वर्तमान में सड़क की खौफनाक हालत को देखकर यह सहज अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि गड्ढों में सड़क है या सड़क में भयंकर गड्ढे। सड़क पर अलकतरा और पिच की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, नुकीली गिट्टियां बाहर निकल आई हैं और जगह-जगह बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं, जो लगातार हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं।

“गिट्टियां उखड़ीं, रोजाना गिर रहे दुपहिया वाहन चालक”, रात का सफर बना दुःस्वप्न

जमीनी हकीकत बयां करते हुए स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि इस जर्जर मार्ग की वजह से यहाँ आए दिन गंभीर और अप्रिय दुर्घटनाएँ घटित हो रही हैं। विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार रोजाना इन नुकीली गिट्टियों पर फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।

बरसात के इस मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण स्थिति और भी भयावह हो गई है। रात के समय इस मार्ग पर वाहनों का चलना किसी बड़े खतरे या मौत को सीधे आमंत्रण देने जैसा है। इसके बावजूद, संबंधित ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) व पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों और क्षेत्र के प्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मरीजों को ले जाने में एम्बुलेंस बेदम, बच्चों ने स्कूल जाने से किया तौबा

यह सड़क भेलवारा और गिद्धौर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए इस समय एक भयानक दुःस्वप्न बन चुकी है। सड़क की इस कदर बदहाली है कि छोटे बच्चे हिचकोले खाती सड़कों के डर से स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। सबसे विकट और मार्मिक स्थिति आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की है।

गांव में यदि कोई महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही हो या कोई बुजुर्ग गंभीर रूप से बीमार हो, तो उन्हें एम्बुलेंस या निजी वाहनों से अस्पताल ले जाने में चालकों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार तो हिचकोलों के कारण मरीजों की स्थिति रास्ते में ही अत्यंत नाजुक हो जाती है। ज्ञात हो कि उक्त सड़क गिद्धौर को सीधे अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य प्रशासनिक और व्यावसायिक लाइफलाइन है।

                  भेलवारा-गिद्धौर मुख्य सड़क बदहाली: एक नजर में
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│ मुख्य जर्जर मार्ग             │ भेलवारा से गिद्धौर मुख्य सड़क, पत्थलगड़ा प्रखंड│
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│ सड़क का मुख्य प्रशासनिक महत्व │ गिद्धौर को सीधे अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ना│
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│ वर्तमान भौतिक स्थिति          │ पिच गायब, गिट्टियां बाहर, जानलेवा जलजमाव युक्त गड्ढे│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ मुख्य जन-प्रभाव               │ स्कूली बच्चे, राहगीर और आपातकालीन एम्बुलेंस बाधित│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ जन-आक्रोश का मुख्य निशाना     │ स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित निर्माण विभाग │
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चुनाव में बड़े वादे करने वाले नेता गायब, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

अनुमंडल मुख्यालय को जोड़ने वाली इस लाइफलाइन की दुर्दशा को लेकर क्षेत्र की पीड़ित जनता में स्थानीय विधायक, सांसद और मौजूदा सरकार के खिलाफ गहरा रोष और नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में आरोप लगाया कि:

“चुनाव के समय हाथ जोड़कर बड़े-बड़े विकास के वादे करने वाले सफेदपोश नेता और दलगत कार्यकर्ता आज इस बदहाली को देखने और जनता का दर्द बांटने तक नहीं आ रहे हैं। वोट लेने के बाद जनता को कबाड़ सड़कों पर मरने के लिए लावारिस छोड़ दिया गया है।”

ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त रवि आनंद और मुख्य अभियंता से मांग की है कि इस पथ के सुदृढ़ीकरण और नए सिरे से पुनर्निर्माण (Construction) के प्रस्ताव को अविलंब स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराया जाए। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मानसून के भीतर सड़क की विशेष मरम्मत नहीं की गई, तो समूचे प्रखंड के ग्रामीण एकजुट होकर मुख्य मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए चक्का जाम करेंगे और आने वाले चुनावों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।

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