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अनोखा विरोध: अंतर्जातीय विवाह से नाराज पिता ने निकाली जीवित बेटी की अंतिम यात्रा; राम नाम सत्य है के नारों से दहला इलाका

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अंतर्जातीय युवक से प्रेम विवाह करने पर भड़का ब्राह्मण समाज, धोबिनियां श्मशान घाट पर पुतले का किया विधिवत दाह-संस्कार; किया श्राद्धकर्म

https://youtu.be/6vs3pqta3qE

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

चतरा (गिद्धौर)। चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत गिद्धौर मुख्य गांव से सामाजिक ताने-बाने और पारिवारिक स्वाभिमान से जुड़ा एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक पिता ने अपनी ही जीवित पुत्री द्वारा अंतरजातीय प्रेम विवाह किए जाने के विरोध में उसका पुतला बनाकर और फोटो लगाकर शुक्रवार को पूरे गाजे-बाजे के साथ गांव में उसकी ‘अंतिम यात्रा’ (शव यात्रा) निकाली। इस प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा में स्थानीय ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाज और परिजनों ने बेटी को हमेशा के लिए मृत मानते हुए श्मशान घाट पर उसका विधिवत क्रियाकर्म भी संपन्न कर दिया।

दांगी समाज के युवक से किया था प्रेम विवाह, 5 दिन से नाराज था परिवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिद्धौर निवासी अशोक पांडेय की पुत्री ने करीब पांच दिन पूर्व अपने ही गांव के दांगी समाज से ताल्लुक रखने वाले प्रमोद दांगी के पुत्र के साथ घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। इस अंतर्जातीय विवाह की खबर जैसे ही लड़की के परिजनों को हुई, वे गहरे मानसिक सदमे और सामाजिक लोक-लाज के कारण भारी आक्रोश में आ गए।

युवती के परिजनों का कहना है कि बेटी ने परिवार और पूरे समाज की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर यह कदम उठाया है। इसी नाराजगी को सार्वजनिक रूप से जाहिर करने और बेटी से हमेशा के लिए सभी पारिवारिक संबंध तोड़ने की घोषणा के तहत इस अनोखे और कड़े कदम को उठाया गया।

ब्राह्मण समाज के नेतृत्व में निकली शव यात्रा, श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

इस प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा का आयोजन ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष एवं प्रखंड अध्यक्ष संजय पांडेय के सामूहिक नेतृत्व में किया गया। शुक्रवार को मृतका रूपी पुतले को अर्थी पर सजाया गया, जिस पर युवती की तस्वीर भी लगाई गई थी। इसके बाद अर्थी को घर से निकालकर पूरे गांव का भ्रमण कराया गया। इस दौरान शव यात्रा में शामिल समाज के लोग पारंपरिक रूप से ‘राम नाम सत्य है’ का स्लोगन बोलते हुए चल रहे थे।

यह अंतिम यात्रा गांव की गलियों से गुजरते हुए सीधे धोबिनियां श्मशान घाट पहुंची, जहाँ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का विधिवत मुखाग्नि देकर दाह-संस्कार किया गया।

                  गिद्धौर प्रतीकात्मक शव यात्रा मामला: एक नजर में
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│ मुख्य घटना स्थल               │ गिद्धौर गांव एवं धोबिनियां श्मशान घाट, चतरा│
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│ विरोध करने वाले पिता         │ अशोक पांडेय (गिद्धौर निवासी)            │
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│ विरोध का मुख्य कारण           │ पुत्री द्वारा दांगी समाज के युवक से प्रेम विवाह│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ सामाजिक नेतृत्व               │ संजय पांडेय (जिला व प्रखंड अध्यक्ष, ब्राह्मण समाज)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ भविष्य का सामाजिक निर्णय     │ पुत्री को मृत मानकर सारे पारिवारिक रिश्ते खत्म │
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अब किया जाएगा विधिवत श्राद्धकर्म, भविष्य में संबंध न रखने का ऐलान

आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि श्मशान घाट पर पुतला दहन और क्रियाकर्म की रस्म पूरी होने के बाद अब परिवार द्वारा युवती का विधिवत श्राद्धकर्म और पिंड दान भी किया जाएगा। समाज तथा पीड़ित परिजनों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए बेटी को वैधानिक और धार्मिक रूप से मृत घोषित कर दिया है, ताकि भविष्य में इस पुत्री से परिवार या कुल का कोई वास्ता न रहे।

इस हाई-प्रोफाइल और अजीबोगरीब अंतिम यात्रा में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष संजय पांडेय, प्रखंड अध्यक्ष संजय पांडेय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यदुनंदन पांडेय, प्रदीप पांडेय, बैजनाथ पांडेय, सचिव लम्बोदर पांडेय, पिंटू पांडेय, सुधीर पांडेय, सत्यदेव पांडेय समेत ब्राह्मण समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग और स्थानीय ग्रामीण शामिल थे। इस घटना की चर्चा पूरे चतरा जिले में आग की तरह फैल गई है।

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