अधिकार मित्रों ने पढ़ाया बाल अधिकारों का पाठ; पीएलवी ने समाज को चेताया; बाल शोषण दिखने पर सीधे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत करने की अपील
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: देश और समाज के भविष्य यानी मासूम बच्चों को मजदूरी के दलदल से बाहर निकालने तथा उनके विधिक अधिकारों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे जिले में कड़ा अभियान चलाया जा रहा है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पावन अवसर पर चतरा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव तारकेश्वर दास के कुशल व कड़े विधिक निर्देशन में शुक्रवार को जिले के सिमरिया और गिद्धौर प्रखंड के विभिन्न सुदूरवर्ती गांवों व शिक्षण संस्थानों में वृहद कानूनी जागरूकता शिविरों का सफल आयोजन किया गया।
इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, अभिभावकों और ईंट-भट्ठा व होटल संचालकों को दो टूक चेतावनी दी गई कि कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी या बाल श्रम कराना एक गंभीर विधिक व मानवीय अपराध है, जिसके लिए जेल की कड़ी सजा का प्रावधान है।
1. सिमरिया प्रखंड: स्कूलों से लेकर सुदूर गांवों तक अधिकार मित्रों ने संभाली कमान
प्राधिकार के सचिव के कड़े आदेश पर कानूनी सहायता केंद्र सिमरिया के द्वारा प्रखंड के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में सघन जागरूकता अभियान चलाया गया। अलग-अलग विधिक अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलिंटियर्स) ने मोर्चा संभालते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया:
प्रखंड मुख्यालय: अधिकार मित्र सुबोध कुमार शर्मा और उमेश प्रसाद के संयुक्त नेतृत्व में सिमरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रतिष्ठित अनुसूचित जाति बालिका उच्च विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों के बीच विशेष शिविर लगाया गया।
शीला व दुंदवा ग्राम: अधिकार मित्र रंजन कुमार मिश्रा के द्वारा शीला में संचालित संत थॉमस स्कूल में बच्चों को बाल अधिकारों की जानकारी दी गई, वहीं सीता देवी ने ग्राम दुंदवा में ग्रामीण महिलाओं की बैठक की।
खपिया व गोवा कला: विधिक कार्यकर्ता अंजली कुमारी ने ग्राम खपिया में तथा मोहम्मद अख्तर ने सुदूरवर्ती ग्राम गोवा कला में उपस्थित ग्रामीणों और मजदूरों को बाल श्रम से संबंधित कड़े कानूनी प्रावधानों, बाल अधिकारों एवं अनिवार्य व निःशुल्क शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी दी।
बाल श्रम बच्चों के खूबसूरत सपनों को छीनने का घिनौना कृत्य: सुबोध शर्मा
शिविरों को संबोधित करते हुए अधिकार मित्र सुबोध कुमार शर्मा ने बेहद भावुक और कड़े लहजे में कहा कि दुनिया के हर बच्चे को गरिमामयी शिक्षा, पूर्ण सुरक्षा और बेहतर भविष्य पाने का जन्मसिद्ध विधिक अधिकार है। बाल श्रम केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मासूम बच्चों के खूबसूरत सपनों को सरेआम छीनने का काम करता है। समाज के प्रत्येक प्रबुद्ध व्यक्ति को आगे आकर अपने आस-पास बाल श्रम रोकने में अपनी महती भूमिका निभानी होगी।
वहीं, अधिकार मित्र उमेश प्रसाद ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि बाल श्रम केवल एक कानूनी समस्या नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की गहरी विरूपता (सामाजिक समस्या) भी है। बच्चों को होटल या खेतों में भेजने के बजाय स्कूल भेजना और उन्हें एक भयमुक्त, सुरक्षित वातावरण देना हम सब की सामूहिक विधिक जिम्मेदारी है।
2. गिद्धौर प्रखंड: मायाडीह गांव में गूंजी बाल अधिकारों की आवाज, अभिशाप है बाल श्रम
इधर, गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मायाडीह गांव में भी विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के मार्गदर्शन में पीएलवी पवन कुमार एवं कुमारी शारदा भारती के द्वारा इस शिविर का सफल संचालन किया गया।
शिविर में जुटीं ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को संबोधित करते हुए पीएलवी पवन कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि बाल श्रम सभ्य समाज के माथे पर एक बहुत बड़ा कलंक और अभिशाप है। इससे न केवल गरीब बच्चों का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय बन रहा है, बल्कि हमारा पूरा देश और समाज भी मानसिक रूप से अंधकार की ओर जा रहा है।
शोषण दिखने पर तुरंत डायल करें ‘1098’ चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर
जागरूकता शिविरों के अंत में विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सभी ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों से कड़ी अपील की गई कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। यदि क्षेत्र के किसी भी होटल, गैरेज, दुकान, ईंट-भट्ठे या घरों में किसी मासूम बच्चे का आर्थिक या शारीरिक शोषण (बाल श्रम) होता हुआ पाया जाता है, तो इसकी गुप्त सूचना तुरंत भारत सरकार के विधिक चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दर्ज कराएं।
इसके अलावा ग्रामीण सीधे कानूनी सहायता केंद्र या स्थानीय थाने को भी सूचित कर सकते हैं, ताकि समय रहते पीड़ित बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और दोषियों को कानून के कड़े शिकंजे में कसा जा सके। दोनों प्रखंडों के इन शिविरों में भारी संख्या में ग्रामीण, माताएं-बहनें और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।






















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