सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेलकूद गतिविधियों का होगा महासंगम; डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय स्तर पर होगी ब्रांडिंग, मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी मथा एजेंडा
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: चतरा जिले के विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल इटखोरी की महिमा को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त (DC) रवि आनंद की अध्यक्षता में ‘इटखोरी महोत्सव-2027’ एवं मां भद्रकाली मंदिर परिसर के समग्र विकास से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी महोत्सव के सफल व भव्य आयोजन, देशव्यापी प्रचार-प्रसार, पर्यटक सुविधाओं के ऐतिहासिक विस्तार तथा इटखोरी को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के विभिन्न तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगी पहचान, सोशल मीडिया से होगी महा-ब्रांडिंग
बैठक में इटखोरी महोत्सव को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अधिक व्यापक और नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कई नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया:
डिजिटल प्रचार पर जोर: महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु डिजिटल एवं सोशल मीडिया माध्यमों (फेसबुक, यूट्यूब, एक्स, इंस्टाग्राम) का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
आकर्षक सामग्री होगी तैयार: देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक और आकर्षक प्रचार सामग्री (टीज़र, ब्रोशर, डॉक्यूमेंट्री) तैयार कर उसे व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।
सांस्कृतिक और खेलकूद का संगम: महोत्सव के दौरान सिर्फ भजन ही नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्ग के लोगों और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद एवं युवा गतिविधियों के भव्य आयोजन की रूपरेखा तय की गई।
शैक्षणिक संस्थानों का लिया जाएगा सहारा, अद्यतन होंगे प्रकाशन
बैठक में निर्णय लिया गया कि इटखोरी महोत्सव से संबंधित ऐतिहासिक और पुरातात्विक प्रकाशनों एवं प्रचार सामग्री को पूरी तरह अपडेट (अद्यतन) किया जाएगा। इन जानकारियों को देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के माध्यम से आम लोगों और शोधकर्ताओं तक व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा।
पर्यटक सुविधाओं का कायाकल्प: होटल, वीआईपी लाउंज और सौंदर्यीकरण पर फोकस
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और विदेशी सैलानियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है:
आवास और भ्रमण व्यवस्था: पर्यटकों के ठहरने के लिए उत्तम आवास, परिवहन, सुलभ भ्रमण एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा हुई।
परिसर का सौंदर्यीकरण: मां भद्रकाली मंदिर परिसर एवं उसके आसपास के पूरे परिक्षेत्र के सौंदर्यीकरण, लाइटिंग, ग्रीन ज़ोन के निर्माण और आधारभूत संरचना (Infrastructure) के त्वरित विकास से जुड़े आवश्यक कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
समय पर पूरी करें तैयारी, विभागों में हो बेहतर तालमेल: उपायुक्त
चतरा उपायुक्त रवि आनंद ने बैठक में मौजूद सभी महकमों के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि महोत्सव की तैयारियों को कागजों से निकालकर समयबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से धरातल पर आगे बढ़ाया जाए।
उपायुक्त का निर्देश: “इटखोरी महोत्सव-2027 का आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित एवं यादगार होना चाहिए। इसके लिए अभी से ही विभिन्न विभागों (पर्यटन, खेल, संस्कृति, भवन निर्माण और जिला प्रशासन) के बीच मजबूत समन्वय (Coordination) स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्व सुनिश्चित कर ली जाएं।”
बैठक में इन प्रमुख अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक महामंथन में मुख्य रूप से: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) चतरा जहूर आलम, अंचल अधिकारी (CO) इटखोरी सविता सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) इटखोरी सोमनाथ बांकीरा, जिला खेल पदाधिकारी (DSO) कैलाश राम, जिला पर्यटन विशेषज्ञ अंकित कुमार और जिला योजना पदाधिकारी शिशिर पंडित सहित कई अन्य विभागों के संबंधित पदाधिकारी व तकनीकी कर्मी उपस्थित थे।




















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