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लोहरदगा पुलिस की मानवीय पहल: उत्तर प्रदेश से भटकी मानसिक रूप से कमजोर महिला को परिवार से मिलाया

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महिला थाना प्रभारी की टीम ने मंदिर के पास से किया रेस्क्यू; सखी वन स्टॉप सेंटर में रखकर कराई देखरेख, कागजी प्रक्रिया पूरी कर पति को सौंपी गई कमान

लोहरदगा | न्यूज स्केल लाइव

झारखंड की लोहरदगा जिला पुलिस ने तत्परता, मानवीय संवेदना और खाकी के सेवा भाव का एक अनूठा और अत्यंत सराहनीय उदाहरण पेश किया है। महिला थाना पुलिस ने सूझबूझ और त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से भटककर लोहरदगा पहुंची एक लाचार और मानसिक रूप से कमजोर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके परिजनों से मिला दिया है।

इस सुखद और आत्मीय मिलाप के बाद महिला थाना परिसर का माहौल पूरी तरह से भावुक हो उठा। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और महिला के उत्तर प्रदेश से आए परिजनों द्वारा लोहरदगा पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खुलकर सराहना की जा रही है।

मैना बगीचा मंदिर के पास संदिग्ध अवस्था में मिली थी महिला; सखी वन स्टॉप सेंटर में मिली पनाह

इस पूरे वाकये की जमीनी और विधिक केस हिस्ट्री के अनुसार, बीते 26 मई 2026 की शाम लोहरदगा महिला थाना प्रभारी बिनीता हेमब्रम को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि लोहरदगा रेलवे स्टेशन के आसपास एक अज्ञात महिला अत्यंत दयनीय और संदिग्ध अवस्था में लगातार भटक रही है। मामले की गंभीरता और महिला की सुरक्षा को रडार पर लेते हुए थाना प्रभारी ने बिना एक पल का वक्त गंवाए अपनी एक स्पेशल विंग के साथ तुरंत खोजबीन का विधिक अभियान शुरू किया।

सघन गश्त के दौरान पुलिस टीम को वह महिला रेलवे स्टेशन के पास स्थित मैना बगीचा मंदिर के समीप मिली। महिला पुलिस कर्मियों ने उसे अपनी सुरक्षित विधिक कस्टडी में लिया और आदर के साथ थाने लेकर आईं। महिला मानसिक रूप से काफी कमजोर और डरी हुई प्रतीत हो रही थी। उसकी सुरक्षा को देखते हुए उसे तत्काल सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया। थाने की महिला आरक्षियों द्वारा उसके साथ बेहद सहयोगात्मक व्यवहार किया गया, उसे सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया और उसकी पूरी मुस्तैदी से देखरेख की गई।

कुशीनगर के हाटा थाने से पुलिस ने साधा संपर्क; गुमशुदगी की रिपोर्ट थी पहले से दर्ज

जब महिला पूरी तरह से सहज महसूस करने लगी, तब महिला थाना प्रभारी बिनीता हेमब्रम ने उससे आत्मीय पूछताछ की। पूछताछ के क्रम में महिला ने अपनी पहचान इस प्रकार बताई:

महिला का पूरा विधिक पता मिलते ही लोहरदगा पुलिस एक्टिव मोड में आ गई। थाना प्रभारी ने तुरंत उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के संबंधित हाटा थाना से आधिकारिक तौर पर संपर्क साधा। उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क करने पर एक बड़ा खुलासा हुआ कि महिला के परिजनों ने पहले से ही हाटा थाने में उसकी गुमशुदगी (Missing Report) दर्ज करा रखी थी और पूरा परिवार उसकी तलाश में परेशान था। हाटा थाना पुलिस के सहयोग से पुष्पा देवी के लोहरदगा में सुरक्षित होने की जानकारी तुरंत उनके पति सुनील गुप्ता को दी गई। सूचना मिलते ही उनके पति और अन्य परिजन एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर सीधे लोहरदगा पहुंचे।

महिला थाना प्रभारी बिनीता हेमब्रम की जांबाज टीम ने पूरी की कागजी प्रक्रिया

गुरुवार को महिला थाना परिसर में जब पुष्पा देवी ने अचानक अपने पति सुनील गुप्ता और परिवार के लोगों को सामने देखा, तो उसकी आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। परिजनों ने बताया कि पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अचानक घर से कहीं निकल गई थी और रास्ता भटककर ट्रेनों के माध्यम से इतनी दूर झारखंड आ पहुंची थी।

महिला थाना प्रभारी बिनीता हेमब्रम के कुशल विधिक प्रयास और पूरी टीम के आपसी तालमेल से इस पुनीत कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस पूरे रेस्क्यू अभियान और महिला को सही-सलामत परिजनों के सुपुर्द करने की कागजी विधिक प्रक्रिया पूरी कराने में पुलिसकर्मी संदीप कुमार राम, चालक अवधेश कुमार, शिला कुमारी, नीलम तिर्की, संगीता कुमारी और सरिता कुमारी ने अत्यंत सराहनीय व अहम योगदान दिया। विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने रोते हुए लोहरदगा पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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