बीती रात अचानक लगी आग ने सब कुछ किया स्वाहा; अनाज, कपड़े, बर्तन और जीवन भर की जमा-पूंजी जलकर राख, खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को तरस रहा है पीड़ित परिवार
कान्हाचट्टी (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड अंतर्गत कोल्हैया पंचायत से एक दिल दहला देने वाली और बेहद मर्माहत करने वाली आपदा की खबर सामने आई है। यहाँ के सुदूरवर्ती ग्राम हेमरालुटा में बीती रात अचानक लगी भीषण आग ने एक गरीब परिवार के आशियाने को तिनके की तरह जलाकर खाक कर दिया। हेमरालुटा निवासी डहु सिंह भोक्ता के घर में लगी इस आग ने देखते ही देखते ऐसा विकराल और तांडव रूप धारण किया कि जब तक लोग कुछ समझ पाते या आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक पूरा घर जलकर मलबे में तब्दील हो गया। इस हादसे में घर के अंदर रखा सारा अनाज, कपड़े, बर्तन और जीवन भर की गाढ़ी कमाई की जमा-पूंजी जलकर पूरी तरह राख हो गई है।
“सब कुछ खत्म हो गया साहब… बच्चों को क्या खिलाऊँ, कहाँ सुलाऊँ?”
इस दैवीय आपदा की मार झेल रहे गृहस्वामी डहु सिंह भोक्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों में बेबसी के आंसू लिए उन्होंने सिसकते हुए न्यूज़ स्केल लाइव से अपना दर्द साझा किया: “सब कुछ खत्म हो गया साहब… घर में खाने का एक दाना तक नहीं बचा। सब जलकर राख हो गया है। अब इन छोटे-छोटे बच्चों को क्या खिलाऊँ, चिलचिलाती धूप और रात के अंधेरे में कहाँ सुलाऊँ, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। हम पूरी तरह सड़क पर आ गए हैं।”
स्थिति इतनी भयावह है कि इस चिलचिलाती और भीषण गर्मी के बीच पीड़ित परिवार के पास अब सिर्फ अपने शरीर पर पहने हुए कपड़ों के अलावा और कुछ भी शेष नहीं बचा है।
मासूम बच्चे भुखमरी की कगार पर; दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं
इस पूरे अग्निकांड का सबसे दर्दनाक और मानवीय पहलू यह है कि डहु सिंह भोक्ता के मासूम और छोटे-छोटे बच्चे अब पूरी तरह से भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। साल भर के लिए कोठी में जमा कर रखा गया एक-एक अनाज का दाना आग की लपटों में स्वाहा हो जाने के कारण इन नन्हे बच्चों को बीते कई घंटों से दो वक्त की सूखी रोटी भी नसीब नहीं हो पा रही है। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच खुले आसमान के नीचे बेबस और लाचार बैठा यह पीड़ित परिवार अब भुखमरी से बचने के लिए प्रशासन और समाज की ओर टकटकी लगाए मदद की आस देख रहा है।
प्रशासन से अविलंब मुआवजा, तिरपाल और सरकारी राशन देने की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद सुबह से ही हेमरालुटा गांव और कोल्हैया पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके जले हुए आशियाने के पास जुट रही है। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चतरा जिला प्रशासन व कान्हाचट्टी अंचल प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित परिवार की इस दयनीय व आपातकालीन स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आपदा प्रबंधन विभाग से सरकारी मुआवजा, रहने के लिए तत्काल तिरपाल व आपदा आवास (अंबेडकर/इंदिरा आवास) और बच्चों के लिए राशन (खाद्यान्न) की आपातकालीन व्यवस्था कराई जाए। मुश्किल हालातों और कुदरत के इस कहर के बीच इस गरीब परिवार को इस वक्त तुरंत सरकारी और सामाजिक सहायता की सख्त जरूरत है।






















Total Users : 973267
Total views : 2737101