सुबह करीब 7 बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने की फायरिंग; एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि, कोबरा, सीआरपीएफ और जिला पुलिस का संयुक्त महाअभियान जारी
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता से जुड़ी खबर सामने आ रही है। सोनुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोंजो के समीप स्थित केड़ाबीर जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) हुई है। इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की प्रारंभिक सूचना सामने आ रही है। हालांकि, चाईबासा पुलिस प्रशासन ने अभी आधिकारिक रूप से केवल मुठभेड़ होने की पुष्टि की है और विस्तृत ब्योरा जंगल में चल रहा सघन सर्च अभियान पूरा होने के बाद देने की बात कही है।
सुबह 7 बजे जंगल में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह करीब सात बजे जब सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम केड़ाबीर के घने जंगली क्षेत्र में एंटी-नक्सल सर्च ऑपरेशन चला रही थी, तभी पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
नक्सलियों की तरफ से गोलीबारी होते ही सुरक्षाबलों के जांबाज जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से काफी देर तक रुक-रुक कर भीषण गोलीबारी होती रही। खुद को चौतरफा गिरता देख और सुरक्षाबलों का भारी दबाव पाकर नक्सली घने जंगल और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने लगे।
“पूरे इलाके को सील कर चलाया जा रहा है कॉम्बिंग ऑपरेशन” : एसपी अमित रेणु
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया: “सोनुआ थाना क्षेत्र के लोंजो-केड़ाबीर इलाके में सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। फिलहाल हमारे जवानों ने पूरे जंगली इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और सघन सर्च अभियान (Combing Operation) चलाया जा रहा है। अभियान समाप्त होने और टीम के वापस लौटने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने नक्सली हताहत हुए हैं और मौके से क्या-क्या हथियार व सामग्री बरामद हुई है।”
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों के सफाए के लिए इस इलाके में कोबरा (CoBRA) बटालियन, सीआरपीएफ (CRPF) और जिला सशस्त्र पुलिस की संयुक्त टीम लगातार बड़ा अभियान चला रही है। जंगल के कई रणनीतिक रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई भी नक्सली बचकर भाग न सके।
करोड़ों के इनामी मिसिर बेसरा और सालुका कायम के दस्ते पर था इनपुट
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सारंडा अंचल में सुरक्षाबलों के लगातार बढ़ते दबाव के बाद कई बड़े और शीर्ष नक्सली नेता इन दिनों पोड़ाहाट के जंगलों में शरण लिए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह पुख्ता इनपुट मिला था कि एक करोड़ रुपये का इनामी शीर्ष नक्सली नेता मिसिर बेसरा इस इलाके में सक्रिय है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर आतंक का पर्याय बने 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली सालुका कायम और उसके खूंखार दस्ते की मौजूदगी की भी सटीक खबर थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने यह जाल बिछाया था। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि मुठभेड़ में ढेर हुए नक्सली किस दस्ते के थे।
रमेश चांपिया की हत्या और इसराइल पूर्ति के खात्मे के बाद अलर्ट पर थी पुलिस
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले गोईलकेरा थाना क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की निर्मम हत्या के बाद से ही चाईबासा पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर थीं। उस घटना से साफ संकेत मिले थे कि नक्सली संगठन सारंडा से खदेड़े जाने के बाद अब कोल्हान और पोड़ाहाट के शांत जंगल क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां दोबारा बढ़ाने की फिराक में हैं।
इसके बाद सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई को और आक्रामक कर दिया था। इससे पहले 29 अप्रैल को भी सुरक्षा बलों ने एक साहसिक मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। उस बड़ी कार्रवाई के बाद ही पुलिस के आला अधिकारियों ने दावा किया था कि कोल्हान की माटी को नक्सल मुक्त करने के लिए बहुत जल्द एक निर्णायक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी बानगी आज मंगलवार की सुबह देखने को मिली।






















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