गांव में बुलाई गई पंचायत; दामाद ने दिखाए इलाज के कागजात और 10 लाख का खर्च, ससुर ने केस की धमकी देकर वापस लिए 2.21 लाख रुपये और बर्तन-बिस्तर
हंटरगंज (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत पाण्डेयपुरा गांव से रिश्तों को झकझोर देने वाला और बेहद अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता की बीमारी के कारण हुई मौत के तुरंत बाद उसके पिता द्वारा शादी में दहेज के रूप में दिया गया सारा सामान और नकद पैसे वापस ले लिए गए। कलयुग के इस अजीबोगरीब सामाजिक और पारिवारिक घटनाक्रम की पूरे इलाके में जमकर चर्चा हो रही है और प्रबुद्ध नागरिक इस पर हैरान हैं।
साल 2016 में नवादा की चांदनी संग हुआ था सचिन का ब्याह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के नवादा जिला अंतर्गत कादिरगंज थाना क्षेत्र के जमुआवा ग्राम निवासी सुधीर कुमार की पुत्री चांदनी कुमारी की शादी साल 2016 में चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित पाण्डेयपुरा निवासी किशोरी प्रसाद के बड़े पुत्र सचिन कुमार के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी।
पीड़ित पति सचिन कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी पत्नी चांदनी कुमारी की तबीयत अक्सर खराब रहने लगी थी। पत्नी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सचिन ने कई नामी डॉक्टरों और अलग-अलग जगहों पर उसका निरंतर इलाज करवाया। उन्होंने बताया कि पत्नी के इलाज में उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये खर्च किए और जैसे-तैसे अपनी पत्नी के साथ जीवन गुजार रहे थे।
गया से पटना तक चला इलाज, 11 मई को हुई दर्दनाक मौत
बीते 09 मई की सुबह करीब 10:00 बजे अचानक चांदनी कुमारी की तबीयत बेहद ज्यादा बिगड़ गई। सचिन आनन-फानन में अपनी पत्नी को इलाज के लिए गया स्थित नवजीवन हॉस्पिटल लेकर गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए तत्काल पटना रेफर कर दिया।
डॉक्टरों की सलाह पर सचिन कुमार अपनी पत्नी को लेकर श्री विनायक हॉस्पिटल, पटना पहुंचे और वहाँ भर्ती कराकर सघन इलाज शुरू करवाया। लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था; आगामी 11 मई को इलाज के दौरान ही चांदनी कुमारी ने दम तोड़ दिया।
दाह संस्कार के तुरंत बाद केस की धमकी और दहेज वापसी का दबाव
पति सचिन कुमार ने रोते हुए बताया कि वह पत्नी के वियोग के गहरे सदमे में डूबे थे, लेकिन उनके ससुर सुधीर कुमार का दिल नहीं पसीजा। मृतिका चांदनी कुमारी के दाह संस्कार के तुरंत बाद से ही ससुर सुधीर कुमार द्वारा दामाद और उसके परिजनों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया गया। ससुर ने आरोप लगाया कि— “तुम लोगों ने मेरी बच्ची को जान-बूझकर मार डाला है, मैं पुलिस केस करूँगा और तुम्हारे पूरे परिवार को जेल भिजवा दूंगा।” इन सब धमकियों के बीच लड़की के पिता ने एक अजीब शर्त रखी कि— “मैंने शादी और दान-दहेज में जो भी सामान व नगद पैसे दिए हैं, वह सब मुझे तुरंत वापस कर दो, नहीं तो मैं केस कर के बर्बाद कर दूंगा।” हैरान करने वाली बात यह है कि कत्ल का आरोप लगाने वाले लड़की के पिता इलाज के दौरान पूरे समय अस्पताल में दामाद के साथ में ही मौजूद थे।
पाण्डेयपुरा में बैठी पंचायत, 2.21 लाख कैश और पलंग-अलमीरा लेकर लौटा पिता
मामले को शांत करने और कानूनी पचड़े से बचने के लिए लड़की के पिता द्वारा पाण्डेयपुरा गांव में एक सामाजिक पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में आसपास के कई गणमान्य लोग, ग्रामीण और बुद्धिजीवी शामिल हुए। अंततः सभी की सहमति और विवाद को रफा-दफा करने के उद्देश्य से एक समझौता हुआ।
समझौते के तहत मृतिका के पति और ससुराल वालों ने दहेज का सारा पैसा 2,21,000/- रुपये (दो लाख इक्कीस हजार) नकद और शादी में दिया गया सारा सामान जैसे— पलंग, अलमीरा, बर्तन और कपड़े इत्यादि गाड़ी में लादकर लड़की के पिता को वापस सौंप दिया।
बयानों का अंतर्विरोध:
लड़की के पिता का बयान: पिता सुधीर कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत ससुराल वालों द्वारा कराए गए इलाज के अभाव में हुई है।
पति के कागजात: दूसरी ओर, मृतिका के पति सचिन कुमार ने समाज के सामने डॉक्टरों की पर्चियां और अस्पताल के बिल दिखाते हुए साबित किया कि चांदनी का इलाज निरंतर चल रहा था और उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर करीब 10 लाख रुपये इलाज में फूंक दिए थे। बहरहाल, बेटी की अर्थी उठने के तुरंत बाद मायके वालों द्वारा दहेज का सामान समेट कर ले जाने की यह घटना पूरे चतरा जिले में कौतूहल का विषय बनी हुई है।





















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