आजादी के 78 साल बाद खत्म होगा रेल का सूखा; परैया बनेगा बड़ा जंक्शन, काष्ठा की तरफ बनेगा वाई-कनेक्शन, मगध-आम्रपाली कोलियरी और स्थानीय व्यापार को लगेंगे पंख
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा संसदीय क्षेत्र की दशकों पुरानी जन-आकांक्षाओं और आजादी के बाद से चले आ रहे 78 वर्षों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी फैसला लिया है। भारत सरकार ने परैया (बिहार) से चतरा शहर के बीच नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
भारत सरकार के राजपत्र (Gazette of India) में इस संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने चतरा विकास भवन परिसर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस वार्ता में उन्होंने इस अद्भुत उपलब्धि को चतरा के इतिहास का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट (Turning Point) बताते हुए क्षेत्र की जनता को यह ऐतिहासिक सौगात समर्पित की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हुए सांसद: “पूरा किया चुनाव में जनता से किया वादा”
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद कालीचरण सिंह काफी भावुक और उत्साहित नजर आए। उन्होंने चतरा की माटी के इस दर्द को बयां करते हुए कहा:
“चतरा जिला आजादी के बाद से अब तक रेल सेवा से पूरी तरह अछूता था, जो यहां के आर्थिक पिछड़ेपन और हमारे होनहार युवाओं के पलायन का सबसे बड़ा कारण था। चुनाव के समय मैंने चतरा की जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा करने के लिए मैं संसद में आने के पहले दिन से ही प्रयासरत था। संसद के पटल पर इस मांग को पूरी मजबूती से उठाने और लगातार केंद्रीय रेल मंत्रालय से पैरवी करने का प्रतिफल आज हमारे सामने है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और केंद्रीय रेल मंत्री के विशेष सहयोग के बिना यह भगीरथ प्रयास कभी सफल नहीं हो पाता।”
परियोजना का तकनीकी ढांचा: परैया बनेगा जंक्शन, काष्ठा की तरफ बनेगा वाई-कनेक्शन
सांसद ने परियोजना के तकनीकी, व्यावहारिक और इंजीनियरिंग पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह रेल लाइन सीधे तौर पर बिहार और झारखंड के इस पिछड़े और उपेक्षित इलाके को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेगी:
रूट का खाका: यह नई ब्रॉडगेज लाइन गया (बिहार) के समीप स्थित परैया स्टेशन से शुरू होकर सीधे चतरा शहर तक आएगी।
वाई-कनेक्शन (Y-Connection): परियोजना के तहत काष्ठा की ओर 4.95 किलोमीटर का एक विशेष वाई-कनेक्शन दिया जाएगा।
जंक्शन में तब्दील होगा परैया: इस बड़े तकनीकी बदलाव के कारण परैया स्टेशन भविष्य में एक बेहद महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन के रूप में तब्दील हो जाएगा, जिससे इस रूट पर ट्रेनों के परिचालन में अत्यधिक आसानी होगी।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: इस रूट पर अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, अत्याधुनिक पुल-पुलियों का निर्माण और यात्रियों की सुविधा के लिए विश्वस्तरीय स्टेशनों का खाका तैयार किया गया है।
बदलेगा आर्थिक भूगोल: मगध-आम्रपाली के कोयला परिवहन और लोकल माइनिंग को मिलेगी नई गति
इस रेल लाइन के निर्माण से न केवल आम यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहद सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि यह चतरा के संपूर्ण आर्थिक और व्यापारिक भूगोल को भी पूरी तरह बदल कर रख देगा:
कोयला परिवहन होगा आसान: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के मगध-आम्रपाली और संघमित्रा जैसे विशाल कोयला क्षेत्रों से कोल परिवहन काफी सुगम और सुव्यवस्थित हो जाएगा। इससे सड़कों पर भारी ट्रकों और हाइवा वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे चतरा वासियों को प्रदूषण और आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बड़ी राहत मिलेगी।
स्थानीय व्यापार को पंख: चतरा और आसपास के इलाकों के पत्थरों (माइनिंग), स्थानीय कृषि उत्पादों और बहुमूल्य वनोपज (Forest Produce) को सीधे देश की बड़ी मंडियों तक त्वरित गति से पहुंचाया जा सकेगा, जिससे स्थानीय किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की आय दोगुनी होगी।
रोजगार के अवसर और थमेगा पलायन: चतरा में नए रेलवे स्टेशन बनने और ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो क्षेत्र के युवाओं के पलायन पर पूरी तरह नकेल कसेगा।





















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