जल छाजन भवन में जुटे जिले भर के आंदोलनकारी; जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में कई अहम प्रस्ताव पारित, उपेक्षा पर जताया रोष
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा के गंदोरी मंदिर परिसर स्थित जल छाजन भवन में चतरा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चतरा जिले के कोने-कोने से भारी संख्या में आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने एकजुट होकर अपने सम्मान, अधिकार और हक की आवाज बुलंद की।
अध्यक्षता और मंच संचालन
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के जिला अध्यक्ष सह वरिष्ठ आंदोलनकारी कैलाश सिंह ने की। वहीं, कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन आंदोलनकारी नेता सह मोर्चा के प्रवक्ता राजकिशोर कमल द्वारा किया गया। बैठक के दौरान चतरा जिला आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, उनके लोकतांत्रिक अधिकारों तथा विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बेहद विस्तार से चर्चा की गई।
“राज्य गठन के नायकों को मिल रहा उपेक्षा का दंश”
सभागार को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं और आंदोलनकारियों ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा: “अलग झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों ने अपने जीवन की आहुति दी और उनकी अहम भूमिका रही है। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि राज्य गठन के इतने वर्षों बाद भी कई आंदोलनकारी आज खुद को उपेक्षित और अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। सरकार को उनके ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करते हुए उनकी सुविधाओं के लिए तत्काल ठोस और नीतिगत कदम उठाने चाहिए।”
बैठक में सर्वसम्मति से पारित किए गए मुख्य प्रस्ताव:
आंदोलनकारियों की समस्याओं पर विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा जाएगा:
एक समान पेंशन की मांग: सबसे प्रमुख रूप से मांग उठाई गई कि राज्य के सभी आंदोलनकारियों को बिना किसी भेदभाव के एक समान मासिक पेंशन दी जाए।
जिला प्रशासन द्वारा सम्मान: यह निर्णय लिया गया कि चतरा जिले के सभी आंदोलनकारियों को राज्य सरकार द्वारा यथोचित मान-सम्मान दिया जाए तथा चतरा जिला प्रशासन के माध्यम से विशेष रूप से उन्हें सम्मानित किया जाए।
सरकारी कार्यक्रमों में भागीदारी: जिले में आयोजित होने वाले तमाम आधिकारिक और राजकीय कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को गरिमा के साथ शामिल करने पर भी पूर्ण सहमति बनी।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनके हित में जल्द से जल्द कोई निर्णायक नीति बनानी चाहिए। बैठक में संगठन के विस्तार और उसकी मजबूती पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में ये मुख्य आंदोलनकारी रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण बैठक में आंदोलन की माटी से जुड़े कई वरिष्ठ चेहरे और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से मोर्चा के सचिव सुगन साहू, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र मित्तल, उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह, केदार पांडेय, भीमसेन साहू, संगीता पाठक, शिव शंकर यादव, संतन सोनी, दिनेश पांडे, संतोष नायक, उषा देवी, लीला यादव, प्रभु दयाल साहू, विनोद पांडे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष आंदोलनकारी उपस्थित थे।




















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