7 मई को भाई, भाभी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से की थी हत्या; साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को काटकर सूटकेस व बोरे में भरा, स्कूटी से नदी-नहर में फेंका
बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है, जिसने पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। बीते 10 और 12 मई को नदी और नहर के किनारे सूटकेस व बोरों में टुकड़ों में मिले चार शवों के अंधे कत्ल की गुत्थी को कैमूर पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस वीभत्स हत्याकांड को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि मृतक के दो सगे भाइयों ने अपनी मां और भावज (भाई की पत्नी) के साथ मिलकर अंजाम दिया था। कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने प्रेस वार्ता के दौरान इस नरसंहार का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है।
18 टुकड़ों में बांटे गए थे शव; नदी और नहर के किनारे मिले थे सूटकेस
एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि बीते 10 मई को मोहनिया-रामगढ़ मार्ग पर दुर्गावती नदी पुल के नीचे दो लावारिस सूटकेस मिले थे, जिनके भीतर इंसानी शरीर के कटे हुए अंग मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस इस खौफनाक मामले की तफ्तीश में जुटी ही थी कि 12 मई को अभयदेय गांव के पास एक नहर के किनारे दो बोरों से भी मानव अंगों के कटे हुए टुकड़े बरामद हुए।
हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक पुरुष, एक महिला और दो मासूम बच्चों के शवों को कुल 18 टुकड़ों में काटा था। पुलिसिया जांच और शिनाख्त में इन शवों की पहचान रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और उनके दो मासूम बच्चों के रूप में हुई।
मां के एक फोन पर महाराष्ट्र से कत्ल का प्लान बनाकर आया था भाई
हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए एसपी ने बताया कि इस परिवार में लंबे समय से आपसी कलह चल रहा था। मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता अक्सर अपनी मां और भाइयों के साथ मारपीट करता था। बीते 5 मई को भी कृष्ण मुरारी का अपनी मां से विवाद हुआ, जिससे नाराज होकर मां ने तुरंत महाराष्ट्र में काम कर रहे अपने छोटे बेटे विकास गुप्ता को फोन कर घर बुला लिया और उसे रास्ते से हटाने को कहा।
मां का फोन आते ही विकास ने भाई को जान से मारने का मन बना लिया। उसने महाराष्ट्र में ही अपने साथ काम करने वाले दोस्त दीपक राजपूत को इस खौफनाक साजिश में शामिल किया और उसे लेकर सीधे अपने गांव डहरक पहुंच गया।
बारी-बारी से पूरे परिवार को काटा; मां और पत्नी देखती रहीं खूनी खेल
7 मई को डहरक गांव स्थित घर में खूनी खेल की शुरुआत हुई:
भाई और भाभी की हत्या: विकास गुप्ता, उसके छोटे भाई राहुल उर्फ गौतम और दोस्त दीपक राजपूत ने मिलकर सबसे पहले कृष्ण मुरारी गुप्ता पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह देख जब उसकी पत्नी दुर्गेश कुमारी जान बचाकर भागने लगी, तो हत्यारों ने उसे भी दबोच लिया और चाकू से गोदकर मार डाला।
मासूम बच्चों का कत्ल: जिस वक्त माता-पिता का कत्ल हुआ, दोनों मासूम बच्चे स्कूल गए हुए थे। जब बच्चे घर लौटे और माता-पिता को खोजने लगे, तो पोल खुलने के डर से इन दरिंदों ने उन दोनों मासूमों को भी बेरहमी से मार डाला।
मूकदर्शक बना रहा परिवार: यह पूरी रूह कंपा देने वाली वारदात मृतक की सगी मां और आरोपी विकास गुप्ता की पत्नी के सामने होती रही और वे मूकदर्शक बनी रहीं। इसके बाद शवों को छुपाने के लिए धारदार हथियारों से उनके 18 टुकड़े किए गए और उन्हें सूटकेस व बोरों में बंद कर दिया गया। मुख्य आरोपी विकास गुप्ता इन सूटकेसों को अपनी स्कूटी पर लादकर नदी और नहर के किनारे फेंक आया।
कटे हुए सिर और हथियार बरामद, 5 आरोपी नामजद
कैमूर एसपी के नेतृत्व में गठित SIT (विशेष जांच दल) ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर मुख्य आरोपी विकास गुप्ता को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। गिरफ्तार विकास की निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो मृतकों के गायब कटे हुए सिर बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
एक देसी कट्टा और तीन कारतूस
हत्या में प्रयुक्त चाकू और लोहे का फाइटर
शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई स्कूटी
एसपी ने बताया कि इस खौफनाक नरसंहार में मृतक के दो सगे भाई (विकास व राहुल), एक भाभी, मृतक की सगी मां और विकास का दोस्त दीपक राजपूत शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य सरगना को दबोच लिया है, वहीं मां सहित फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

















Total Users : 970936
Total views : 2733981