महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किया माल्यार्पण; फुटबॉल मैच और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सवमय हुआ माहौल, डीसी ने दी बधाई
गुमला | न्यूज स्केल लाइव
गुमला जिला स्थापना दिवस के 44वें वर्ष के पावन अवसर पर आज पूरे जिले भर में विविध, भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह की पहली किरण से लेकर देर शाम तक आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रशासनिक सक्रियता, युवाओं का गजब का उत्साह और आमजन की जीवंत सहभागिता का एक सशक्त समन्वय देखने को मिला।
“रन फॉर गुमला” से हुई सुबह की ऊर्जावान शुरुआत
स्थापना दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत अलसुबह “रन फॉर गुमला” (मैराथन दौड़) से हुई। इस दौड़ में जिले के सैकड़ों युवक-युवतियों के साथ-साथ खुद उपायुक्त (डीसी) दिलेश्वर महत्तो एवं अन्य वरीय अधिकारियों ने भी ट्रैक सूट में उतरकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने नगर भवन गुमला से दौड़ प्रारंभ करते हुए पटेल चौक, टावर चौक होते हुए पुनः नगर भवन तक की दौड़ लगाई। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले धावकों को उपायुक्त द्वारा मंच से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं में खेल व फिटनेस के प्रति रुचि को नया प्रोत्साहन मिला।
भगवान बिरसा और परमवीर अल्बर्ट एक्का समेत महान विभूतियों को नमन
इस ऐतिहासिक अवसर पर उपायुक्त एवं जिले के वरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रमुख स्थलों पर स्थापित देश और माटी के महान सपूतों व विभूतियों की प्रतिमाओं पर
माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई:
इण्डोर स्टेडियम परिसर में महात्मा गांधी
विकास भवन में वीर तेलंगा खड़िया
परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम (भाग-1) के समीप डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं परमवीर अल्बर्ट एक्का
बिरसा मुण्डा एग्रो पार्क में भगवान बिरसा मुण्डा
समाहरणालय परिसर स्थित राष्ट्रपिता गांधी जी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया गया।
इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO सदर) राजीव नीरज, डीसीएलआर राजीव कुमार, जिला नजारत उपसमाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, भूमि संरक्षण पदाधिकारी आशीष प्रताप, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत सहित कई अधिकारी मुस्तैद रहे।
हिंडालको के CSR मद से 15 महिला लाभुकों को मिली सिलाई मशीन
स्थापना दिवस को रोजगार और महिला स्वावलंबन से जोड़ते हुए समाहरणालय स्थित सभागार में एक विशेष कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ RSETI से सफलतापूर्वक सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं 15 महिला लाभुकों के बीच हिंडालको के सीएसआर (CSR) मद से सिलाई मशीनों का वितरण उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के कर-कमलों द्वारा किया गया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस मौके पर जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार व हिंडालको के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फुटबॉल मैच और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गुमला की पहचान खेल और कला से है, इसलिए स्थापना दिवस के अवसर पर इनका भी अद्भुत समावेश रहा। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में एक फुटबॉल फ्रेंडली मैच का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा दिखाई। वहीं, शाम को नगर भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक झारखंडी लोक नृत्यों और गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
“साधारण स्वरूप से निकलकर आज विकास की मिसाल बना गुमला” : डीसी
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने जिलेवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कहा कि गुमला जिला ने अपने स्थापना काल से लेकर अब तक निरंतर विकास की दिशा में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक प्रगति की है। खेल के क्षेत्र में इस वीर भूमि ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बेहद साधारण स्वरूप वाला यह जिला आज मजबूत आधारभूत संरचना (Infrastructure) एवं विभिन्न विकासात्मक सूचकांकों में काफी आगे बढ़ चुका है।
उपायुक्त ने सभी जिलेवासियों को 44वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आह्वान किया कि सभी नागरिक और जिला प्रशासन मिलकर गुमला के समग्र विकास एवं इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आगे भी निरंतर प्रयासरत रहें।



















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