हड़ताली वृक्ष के पास महिला नेत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुआ संकल्प कार्यक्रम; 11 जून को डीसी दफ्तर पर विशाल जन प्रदर्शन का ऐलान, 7 सूत्रीय मांग प्रस्ताव पारित
गुमला | न्यूज स्केल लाइव
गुमला जिला स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर प्रशासनिक स्तर पर उत्सव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट और झारखंड नवनिर्माण दल ने जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थापना दिवस के मौके पर कचहरी परिसर स्थित ऐतिहासिक हड़ताली वृक्ष के पास महिला नेत्री पुष्पा उरांव की अध्यक्षता में एक भव्य ‘संकल्प कार्यक्रम’ आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड और गुमला को शोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
शहीदों को नमन और गगनभेदी नारों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों के सम्मान में 1 मिनट का मौन धारण किया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा, तेलंगा खड़िया, जतरा टाना भगत, मुंडल सिंह, बख्तर साय पांडे, गणपत राय, ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव, शेख भिखारी, टिकैत सिंह उमराव, और नीलांबर-पीतांबर जैसे अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाए। परिसर “झारखंड व गुमला को लूट का चारागाह से बचाने की लड़ाई तैयारी तेज करो” और “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा।
“पूंजीपतियों पर स्पेशल टैक्स लगाए केंद्र सरकार” : विजय सिंह
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह झारखंड नवनिर्माण दल के केंद्रीय संयोजक व पार्टी प्रभारी विजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा: “केंद्र व राज्य सरकार की झारखंड विरोधी नीतियों के कारण आज गुमला और पूरा झारखंड भ्रष्टाचार व लूट का अड्डा बन चुका है। गलत विदेशी और व्यापारिक नीतियों के कारण देश गहरे आर्थिक संकट में है, जिसके लिए पूरी तरह मोदी सरकार जिम्मेदार है।”
उन्होंने बताया कि देश को इस संकट से उबारने के लिए उनकी पार्टी बड़े पूंजीपतियों पर ‘स्पेशल टैक्स’ लगाने, सबको रोजगार, मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य का लाभ देने और महंगाई पर रोक लगाने जैसे राष्ट्रहित के मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है। इसी कड़ी में उन्होंने 29-30 जून 2026 को रांची में आयोजित होने वाले ‘रोजगार सामाजिक अधिकार सम्मेलन’ की तैयारी में जुटने की अपील की।
7 सूत्रीय मांग प्रस्ताव पारित; ये हैं मुख्य मांगें:
स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस बैठक में जिले के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर एक 7 सूत्रीय मांग प्रस्ताव सर्वसहमति से पारित किया गया:
भ्रष्टाचार पर नकेल: जिले के विकास कार्यों में 50% से भी ज्यादा चरम पर पहुंच चुके भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को बंद कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय स्तर पर निगरानी: ग्राम सभा, पंचायत प्रतिनिधियों, और शहरी क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों व नागरिक समितियों के जरिए योजनाओं का चयन हो और जनता की निगरानी में विकास कार्य चलें।
रोजगार और पलायन पर रोक: मानव तस्करी और बेरोजगारी की वजह से हो रहे पलायन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कृषि आधारित रोजगार का सृजन किया जाए।
फैक्ट्री और रेल लाइन: गुमला-लोहरदगा के सीमांत पर एल्युमिनियम कारखाना का निर्माण हो और गुमला को शीघ्र रेल लाइन नेटवर्क से जोड़ा जाए। इसके साथ ही राज्य में स्पष्ट स्थानीय व नियोजन नीति बने।
चिटफंड कंपनियों से भुगतान: सहारा इंडिया, एपीलाइन, पल्स, विश्वामित्र और वेलफेयर जैसी दर्जनों कंपनियों में जमा गरीब जनता के अरबों रुपयों का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए।
महिला सशक्तिकरण व लोन: सूदखोर माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को तत्काल बंद किया जाए। इच्छुक महिलाओं को व्यवसाय के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की पूंजी, लोन माफी, अनुदान और बिना ब्याज के 5 साल तक भरने की समय सीमा दी जाए।
हादसे पर कार्रवाई व मुआवजा: रायडीह स्थित पत्थर क्रशर में छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवक बबलू कुजूर की मौत के मामले में जगधात्री क्रेशर मालिक व दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी व मुआवजा मिले।
19 मई से पत्र अभियान और 11 जून को डीसी दफ्तर पर महाप्रदर्शन
पार्टी ने निर्णय लिया है कि इन प्रस्तावित मांगों के समर्थन में 19 मई 2026 से लगातार संबंधित मंत्रालयों और विभागों को मांग-पत्र (ज्ञापन) भेजा जाएगा। इसके बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो 11 जून 2026 को गुमला उपायुक्त (डीसी) के समक्ष गुमला शहर में एक विशाल जुलूस निकालकर ऐतिहासिक जन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
समारोह के दौरान जिला लीडिंग टीम की ओर से सभी नवनियुक्त प्रखंड प्रभारियों का भव्य स्वागत किया गया। प्रभारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला स्थापना के 43 साल बाद भी यहां का गरीब, मजदूर, किसान और महिलाएं ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, इसलिए वे जनता की बेहतरी के लिए इस संघर्ष को तेज करेंगे।
इस संकल्प सभा में मुख्य रूप से आदित्य सिंह, शिवप्रसाद साहू, जीवन भगत, हुकूमा साहू, कहरू मुंडा, सरफुद्दीन अंसारी, सीताराम उरांव, बसंत बड़ाईक, सहदेव साहू, इस्माइल नागेसिया, कैलाश सिंह, भीमसेंट सुरीन, लेवनार्ड खलखो, सहदेव बड़ाइक, रुडोल्फ कुजुर, बादल सिंह, देवेंद्र राम रवानी, रंजीत उरांव, विकास महतो, भवानी लोहरा, लॉरेंसिया मिंज, बिना उरांव, विमला देवी, निर्मला कुजूर, सुशीला देवी, सीता देवी, जयमुनी एक्का सहित भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।





















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