अलका लांबा ने कहा- हर 70 मिनट में एक महिला शिकार; यूपी और महाराष्ट्र को बताया सबसे असुरक्षित, चंपावत गैंगरेप में भाजपा नेता को बचाने का लगाया गंभीर आरोप
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट जारी होने के बाद देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा शासित राज्यों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने नई दिल्ली पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा के ‘महिला सुरक्षा’ के सभी दावों की हवा निकाल दी। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
11 साल में 42 लाख मामले, हर 70 मिनट में दरिंदगी अलका लांबा ने प्रेस वार्ता में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश भर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 42,85,888 मामले सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि आज देश में हर 70 मिनट में एक महिला क्रूरता का शिकार हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए लांबा ने कहा, “NCRB के आंकड़े बताते हैं कि देश में हर दिन 10 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है। देश इस भारी अन्याय पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार से जवाब मांग रहा है।”
‘डबल इंजन’ वाले राज्य अपराध में सबसे आगे कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अलका लांबा ने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि महिला अपराधों के मामले में भाजपा शासित राज्य लिस्ट में टॉप पर हैं: उत्तर प्रदेश: 66,398 मामलों के साथ देश में नंबर 1। (लांबा ने तंज कसते हुए कहा- “यह उस यूपी का हाल है जहां ‘डबल इंजन’ की सरकार है।” महाराष्ट्र: 47,954 मामले। राजस्थान: 36,563 मामले। मध्य प्रदेश: 32,832 मामले।
चंपावत कांड: ‘रेप के आरोपी BJP नेता को बचा रही सरकार’ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। लांबा ने आरोप लगाया कि इस घिनौने कृत्य में एक भाजपा नेता समेत तीन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता के पिता को ही हिरासत में लेकर समझौते का दबाव बना रही है। तीनों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लड़की को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी सरकार की छवि बचाने के लिए सत्ता और पैसे का पूरा इस्तेमाल कर रहे हैं।”
‘आंकड़े नहीं, ये लाखों महिलाओं की दास्तां हैं’ कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि NCRB के आंकड़ों पर संसद से लेकर सड़क तक चर्चा होनी चाहिए। सरकार यह बताए कि अब तक कितनी पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सका है। लांबा ने कहा कि हकीकत यह है कि भाजपा ने हमेशा दरिंदों को बचाया और शरण दी है। अगर देश ने मिलकर इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई, तो हम यूं ही शर्मसार होते रहेंगे।
Also Read:बिहार में सम्राट सरकार का महा-विस्तार: नीतीश के बेटे बने स्वास्थ्य मंत्री, CM ने गृह रखा अपने पास; देखें मंत्रियों की पूरी लिस्ट!
Also Read: तमिलनाडु में थलपति विजय का राज: TVK को मिला बहुमत का आंकड़ा, 11 लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ!





















Total Users : 1161731
Total views : 2989920