डालमिया सीमेंट ने खोला क्षेत्रीय कार्यालय, पर्यावरण-वन मंजूरी अंतिम चरण में; रैयतों का विरोध बनी बड़ी चुनौती
टंडवा (चतरा)। पिछले करीब डेढ़ दशक से रैयतों के विरोध और तकनीकी अड़चनों के कारण लंबित वृंदा-सिसई कोल ब्लॉक परियोजना में एक बार फिर गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। अभिजीत इन्फ्रास्ट्रक्चर, उषा मार्टिन और टाटा समूह के बाद अक्टूबर 2022 में परियोजना का टेंडर डालमिया सीमेंट भारत प्राइवेट लिमिटेड को मिला था। अब कंपनी ने क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं।
मंगलवार को गाडिलौंग में कंपनी के वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में पूजा-अर्चना के साथ क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। बताया गया कि 1377.62 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले कोल ब्लॉक के आवंटन के बाद आउटसोर्सिंग कार्य से जुड़ी गतिविधियां इसी क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से संचालित की जानी हैं।
परियोजना आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर संचालन शुरू करने की चुनौती कंपनी के सामने है। सूत्रों के अनुसार, परियोजना की पर्यावरणीय एवं वन मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे में कंपनी के क्षेत्र में सक्रिय होने से परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि, परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर रैयतों और ग्रामीणों का विरोध अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण पूर्व में कई कंपनियों को परियोजना से पीछे हटना पड़ा है। ऐसे में डालमिया प्रबंधन के लिए ग्रामीणों और भू-रैयतों के साथ सहमति बनाना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम को काफी सीमित रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, रैयतों और अन्य प्रबुद्ध लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई, जिसके कारण कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी नहीं रही। अब देखना होगा कि कंपनी ग्रामीणों की आपत्तियों को दूर कर परियोजना को किस तरह आगे बढ़ाती है।





















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