Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

खूनी सड़क का कहर: तेज रफ्तार कोल वाहन ने स्कूटी सवार 2 लोगों को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत!

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

ब्लॉक मोड़ (नईपारम) के पास हुआ भीषण हादसा, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, CCL और NTPC की लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा

टंडवा (चतरा), News Scale Live: झारखंड के चतरा जिले में टंडवा प्रखंड क्षेत्र की सड़कें अब आम लोगों के लिए जानलेवा और खौफ का पर्याय बन चुकी हैं। बुधवार की अहले सुबह कोयलांचल की इसी ‘खूनी सड़क’ ने दो और बेगुनाहों की जान ले ली। एक तेज रफ्तार कोल वाहन (हाइवा/ट्रक) ने स्कूटी सवार दो लोगों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण हादसा टंडवा के ब्लॉक मोड़ स्थित नईपारम गांव के पास हुआ है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में आसपास के लोग जुट गए।

Also Read: सरकार बनाने की हलचल तेज: 108 सीटें जीतकर ‘किंग’ बने थलपति विजय, टूट के डर से विधायकों को भेजा रिसॉर्ट!

मुआवजे के पैसे से बन जाती अलग सड़क! इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत सड़क जाम कर दिया। लोगों का सीधा आरोप है कि टंडवा क्षेत्र में कोयले की ढुलाई (ट्रांसपोर्टिंग) करने वाले भारी वाहन अक्सर ओवरलोड और तेज रफ्तार में चलते हैं। ग्रामीणों ने सीसीएल (CCL), एनटीपीसी (NTPC) और जिला प्रशासन पर सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि, “ट्रांसपोर्टिंग कंपनियां हादसों के बाद अब तक जितना मुआवजा बांट चुकी हैं, उतने पैसे में तो कोल वाहनों के लिए एक अलग ‘वैकल्पिक ट्रांसपोर्टिंग सड़क’ का निर्माण पूरा हो गया होता। लेकिन इसी गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण आज आम सड़क ‘खूनी सड़क’ बन गई है, जहां बेगुनाह लोग बेमौत मारे जा रहे हैं।”

जब तक अलग सड़क नहीं, तब तक होते रहेंगे हादसे सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और दोषी वाहन चालक पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक इस मार्ग पर कोल वाहनों के परिचालन के लिए अलग से ट्रांसपोर्टिंग सड़क का निर्माण नहीं कराया जाता, तब तक ऐसे हादसे नहीं रुकेंगे। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि हर बड़े हादसे के बाद प्रशासन सिर्फ औपचारिकता निभाता है, लेकिन स्थायी समाधान (जैसे स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और पुलिस की सख्त निगरानी) की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। लगातार हो रही इन मौतों ने प्रशासन और ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Also Read: बंगाल चुनाव में EVM पर बड़ा बवाल: अभिषेक बनर्जी का दावा- बदली गई हैं मशीनें, 12 घंटे इस्तेमाल के बाद भी बैटरी 95% चार्ज कैसे?

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment