भाषण, प्रेरणा और संविधान की गूंज के बीच छात्रों ने लिया समतामूलक भारत का संकल्प
लोहरदगा (झारखंड)। लोहरदगा जिले के शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में भारत के महान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। पूरा विद्यालय परिसर इस अवसर पर प्रेरणा, ज्ञान और सम्मान के माहौल से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास, विकास भारती एवं राजीव कुमार सिंह द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद छात्रों द्वारा प्रस्तुत विविध कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर कक्षा षष्ठ से नवम तक के भैया-बहनों ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी पर आधारित भाषण हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषाओं में प्रस्तुत किए। छात्रों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक बनाया, बल्कि सभी को बाबा साहब के विचारों से जोड़ने का कार्य किया।
प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक सुधारों और संविधान निर्माण में उनके योगदान को विस्तार से बताते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। वहीं राजीव आचार्य जी ने भी बाबा साहब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
नागरिक शास्त्र की आचार्या श्वेता संदेश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि डॉ. अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलकर एक सशक्त, सक्षम और समतामूलक भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। कार्यक्रम का समापन भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदीजियों का सराहनीय योगदान रहा।


















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