पथराव के बाद पुलिस सख्त, 20 गिरफ्तार; DIG-SP ने संभाला मोर्चा
झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए विवाद मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ कड़ी कानूनी पहल शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने कुल 72 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि 200 से 220 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज केस के अनुसार, नामजद आरोपियों में हिंदू पक्ष के 21 और मुस्लिम पक्ष के 51 लोग शामिल हैं। वहीं, अज्ञात आरोपियों में भी दोनों पक्षों के करीब 200 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है।
प्राथमिकी के मुताबिक, 25 मार्च को रामनवमी जुलूस साउंड सिस्टम के साथ कौआखोह स्थित चबूतरे की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान बिचला टोला में कुछ लोगों द्वारा जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित कर लिया। इसके विरोध में 26 मार्च को रमकंडा के मनमोहर चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। उसी दिन शाम को जब दोबारा जुलूस आगे बढ़ा, तो अचानक पथराव शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पलामू रेंज के DIG किशोर कौशल और अमन कुमार देर रात मौके पर पहुंचे और पूरे हालात की कमान संभाली। इसके बाद पुलिस ने रातभर छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिनमें हिंदू पक्ष के 6 और मुस्लिम पक्ष के 14 लोग शामिल हैं। पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बाद अब इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






















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