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चतरा विमान हादसा: स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश

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चतरा। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास जंगल में हुई चार्टर एयर एंबुलेंस/लाइट एयरक्राफ्ट दुर्घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री स्वयं चतरा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में कुल सात लोग सवार थे और प्रारंभिक सूचना के अनुसार सभी की दर्दनाक मृत्यु हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू एवं रिकवरी ऑपरेशन चलाया गया और सभी को चतरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के विलाप और पीड़ा ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि वे रातों-रात लगभग 400 किलोमीटर की यात्रा कर घटनास्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपायुक्त कीर्ति श्री, पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल एवं सिविल सर्जन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

तकनीकी और नियामकीय जांच के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर मामला एविएशन सेफ्टी कंप्लायंस, स्टैंडर्ड फ्लाइट ऑपरेशन प्रोसीजर (SOP) और एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन से जुड़ा प्रतीत होता है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है। ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर एवं कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) की रिकवरी कर तकनीकी विफलता विश्लेषण, प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कम्युनिकेशन लॉग, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और सर्विस हिस्ट्री की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि संबंधित चार्टर कंपनी के एयरक्राफ्ट रजिस्ट्रेशन, एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट, डीजीसीए नियामकीय अनुपालन, मेंटेनेंस शेड्यूल, ऑपरेशनल क्लियरेंस तथा पायलटों के फ्लाइट आवर्स की विस्तृत जांच की जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानवीय त्रुटि या सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया गया, तो जिम्मेदार पक्ष पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह घटना एक गंभीर चेतावनी है और चार्टर व नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेशंस की सेफ्टी ऑडिट तथा रेगुलेटरी मॉनिटरिंग को और सख्त करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि राज्य में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, RIMS-2 (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान विस्तार परियोजना), समर्पित ट्रॉमा सेंटर और एयर एंबुलेंस समर्थित क्रिटिकल केयर इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ रूप से उपलब्ध होते, तो मरीजों को अन्य राज्यों में रेफर करने की आवश्यकता कम पड़ती। उन्होंने बताया कि झारखंड में बड़े और आधुनिक अस्पतालों के निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों को अनावश्यक राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। “मैंने परिजनों की आंखों में आंसू देखे हैं। जो जानें जा रही हैं, उन्हें बचाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा,” उन्होंने कहा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता एवं मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर चतरा के सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रदेव गोप, उपायुक्त कीर्ति श्री, पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल, सिविल सर्जन सहित विभागीय अधिकारी और पीड़ित परिजन उपस्थित थे। मंत्री ने अंत में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि यह हादसा उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरे स्तर पर प्रभावित कर गया है।

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