चतरा। जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगपुर गांव से 28 दिनों से लापता 14 वर्षीय दिव्यांग किशोरी मुन्नी कुमारी का शव शनिवार को नौकीबांध पहाड़ के चट्टान के पास बरामद किया गया। शव मिलने का स्थान उसके घर से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर दूर बताया गया है। शव मिलने की सूचना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार शव को सबसे पहले जय गुरुदेव से जुड़े तांत्रिक, पत्थलगड्डा थाना क्षेत्र के जोरी मेराल गांव निवासी बिरसा मुंडा ने देखा। उन्होंने इसकी सूचना मुन्नी के परिजनों को दी। पहचान के बाद चौकीदार अनिल कुमार को सूचना दी गई, जिसके पश्चात पुलिस को अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को बुलाकर स्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई। डॉग स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने तांत्रिक तथा मुन्नी के पिता से भी पूछताछ की।
परिजनों के अनुसार शव देखने से प्रतीत होता है कि वह एक-दो दिन पुराना है, जबकि मुन्नी 28 दिसंबर 2025 से लापता थी। शव पर खरोंच के निशान भी पाए गए हैं। मुन्नी के पिता निर्मल राणा का कहना है कि बेटी के लापता होने के बाद जिस तांत्रिक के पास वे तलाश में गए थे, उसी ने शव के पास पहुंचने की जानकारी दी। इस तथ्य ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
बताया गया कि 28 दिसंबर को गांव के कुछ बच्चे पिकनिक मनाने गए थे, उन्हीं के पीछे-पीछे मुन्नी भी निकली थी, लेकिन वह न तो पिकनिक स्थल पर पहुंची और न ही वापस घर लौटी। इसके बाद परिजन व पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे। 15 जनवरी के बाद खोज अभियान और तेज किया गया।
पुलिस ने बच्ची की सूचना देने वालों के लिए पहले 10 हजार, फिर 20 हजार और अंततः 21 जनवरी को इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। ड्रोन कैमरे, चौपारण से बुलाए गए गोताखोर, लगभग 100 चौकीदारों की तैनाती, प्रचार वाहन, पंपलेट वितरण और एसआईटी गठन के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली।
इस संबंध में चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि बच्ची का शव मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
शव मिलने के बाद गांव और आसपास के इलाकों में आक्रोश और शोक का माहौल है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पैर से दिव्यांग होने के बावजूद किशोरी इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंची। परिजन और ग्रामीण अपहरण सहित अन्य संभावनाओं पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुन्नी अब नहीं रही, लेकिन उसकी मौत ने कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं, जिनके जवाब का इंतजार पूरा जिला कर रहा है।






















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