लोहरदगा |
लोहरदगा जिले के कोयल नदी के तट पर स्थित भस्को शिव मंदिर प्रांगण में उत्तरायण महायज्ञ अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित हुए और विधिवत आहुति अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस पावन अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में मुकेश देवरिया जी, दीपक साहू, उदय साहू जी एवं दिलीप जी धर्मपत्नी सहित उपस्थित रहे। यज्ञ के दौरान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों भक्तों ने सहभागिता निभाई।महायज्ञ को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डॉ. अशोक आचार्य ने संपन्न कराया। इस अवसर पर उन्होंने वेदों के मंत्रों के साथ सूर्य देव से संबंधित विशेष आहुतियां दिलवाईं और उत्तरायण पर्व के धार्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. अशोक आचार्य ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे उत्तरायण की शुरुआत होती है। इस दिन से देवताओं का दिन आरंभ माना जाता है। यज्ञ, दान-पुण्य एवं शुभ कर्मों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होता है। इसी दिन से सभी मांगलिक एवं शुभ कार्यों की शुरुआत भी की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि मकर संक्रांति के बाद मौसम में बदलाव आने लगता है, दिन बड़े और रात छोटी होने लगती है तथा ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और उत्सव का माहौल बना रहा, जिससे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
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