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अंधेकत्ल का पुलिस ने किया उद्भेदन, चाचा की बेरहमी से हत्या कर रेत में गाड़ने वाला भतीजा समेत दो आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधेकत्ल का उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले किंजनकारी तब हुई जब थाना क्षेत्र के जोंक नदी किनारे रेत में दबा शव पानी बढ़ने से बाहर आ गया और गांव वालों की उस पर नजर पड़ी। लोगों को जैसे शव दिखा खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। मामले की रिपोर्ट पुलिस तक पहुंची तब छानबीन शुरू हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने तत्परता से पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर अपनी टीम के साथ जांच अभियान चलाया। यह ऐसा घटनाक्रम था जिसने सबको दहला दिया। 4 सितम्बर को ग्राम मोतीपुर गौठान के पास जोंक नदी किनारे मिले अज्ञात पुरुष के शव की हालत देखकर साफ था कि उसकी हत्या बड़ी बेरहमी से की गई थी। शव के दोनों हाथ काले स्कॉर्फ से बंधे हुए थे। गर्दन और पीठ पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान थे। फोरेंसिक टीम और पीएम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि हत्या कर शव नदी किनारे रेत में दफनाया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कसडोल थाने की पुलिस टीम और साइबर सेल ने संयुक्त रुप से तफ्तीश शुरू की। तो अज्ञात शव की पहचान कराना सबसे बड़ी चुनौती थी। गहन खोजबीन और मुखबिर की सूचना पर मृतक की पहचान ग्राम पिसीद निवासी शिवप्रसाद साहू 36 वर्ष के रूप में हुई। जांच के दौरान हत्या में शामिल दो संदिग्धों डिगेश साहू 19 वर्ष जो कि मृतक का भतीजा था। दूसरा आकाश निर्मलकर 20 वर्ष मृतक का परिचित था, को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मृतक को पहले शराब पिलाकर उसके बाद मौत के घाट उतारा। मृतक शिवप्रसाद साहू गुस्सैल प्रवृत्ति का था और अक्सर परिवार वालों से झगड़ा करता था। इसी बात से नाराज़ होकर उसका भतीजा डिगेश, चाचा की हत्या की योजना बनाने लगा। 1 सितम्बर की रात डिगेश और उसके साथी आकाश ने शराब खरीदी और शिवप्रसाद को नदी किनारे ले गए। शराब पिलाने के बाद जब शिवप्रसाद नशे में चूर हो गया, तब दोनों ने चाकू और धारदार टंगिया से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी और वारदात को छुपाने के लिए शव को नदी किनारे रेत में गाड़ दिया। लेकिन प्रकृति ने आरोपियों की चाल नाकाम कर दी। नदी का जलस्तर बढ़ा और शव बहकर बाहर आ गया। पुलिस ने पूरे मामले की परतें खोलते हुए दोनों आरोपियों को 7 सितम्बर को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। यह सनसनीखेज मामला न सिर्फ परिवारिक विवाद की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। बल्कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की भी मिसाल पेश करता है।
छत्तीसगढ़ प्रभारी राजेश मिश्रा की विशेष रिपोर्ट।

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