Homeबिहारझारखंडदेश-विदेशमनोरंजनखेलक्राइमशिक्षाराजनीतिहेल्थराशिफल
---Advertisement---

मयूरहंड प्रखंड क्षेत्र की स्थिति मोर के समान, संभावना अनंत फिर भी पिछड़े पंक्ति में है खड़ा, राजनीतिक स्थिति कृषि प्रधान की जगह कुर्सी प्रधान

On: July 27, 2025 12:21 AM
Follow Us:
---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

मयूरहंड (चतरा)। जैसे अपने पंखों के देखकर मोर नाच उठता है परंतु जैसे ही अपने पैरों पर उसकी नजर पड़ती है तो मायूस हो जाती है। ठीक उसी प्रकार जिले के मयूरहंड प्रखंड क्षेत्र के विकास की स्थिति मोर के समान बनि हुई है। ऐसा प्रखंड क्षेत्र के किसानों का कहना है। मयूरहंड को प्रखंड का दर्जा वर्ष 2008 में मिला। उस समय लोगों को अलग प्रखंड बनने से कृषि से लेकर अन्य क्षेत्रों में विकास होने की उम्मीद जगी। परंतु 27 वर्ष के खंड काल में गली नली का विकास नहीं हो पाया। जबकि प्रखंड का कुल क्षेत्रफल 133.28 किमी और 2011 जनगणना के अनुसार जनसंख्या लगभग 58,925 है। अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। प्रखंड में किसानों के हित में सिचाई के अलावा अनेक संभावना है। क्षेत्र के चारों ओर नदी के अलावा अन्य स्थानों से नाला गुजरा हुआ है। पूरब में बड़ाकर नदी, पश्चिम में लेढईया नदि, करकरा नदी के अलावे नाला गुजरा हुआ है। पूर्व की सरकारें और जनप्रतिनिधियों ने उक्त नदियों एवं नालों में चेक डैम के अलावा लिफ्ट एरिगेशन सिस्टम से किसानों के लिए सिचाई की व्यवस्था की थी। जिससे किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुचारू रूप से होती थी। लेकिन उसके बाद सरकारों एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सिचाई की उपयुक्त सभी संसाधन उचित रख-रखाव के अभाव में या तो ध्वस्त हो चुके हैं या होने वाला है। जिसके कारण किसानों को सिचाई की व्यवस्था वर्तमान समय में चौपट हो गई है। उक्त सभी सिचाई परियोजनाओं को सुदृढ़ करने की नितांत आवश्यकता है। सरकार के माध्यम से क्षेत्र में प्रति वर्ष विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अरबों रुपये खर्च केवल गली, नली, सडकों के अलावा अन्य क्षेत्रों में खर्च किए जा रहे हैं। फिर भी प्रखंड पिछले पायदान पर खड़ा है। जनप्रतिनिधियों की स्थिति क्षेत्र को कृषि प्रधान बनाने से ज्यादा कुर्सी प्रधान में दिलचस्पी है।

मजेदार बात यह है कि नीति आयोग द्वारा चिन्हित पिछड़े प्रखंड में सम्पूर्णता अभियान के दौरान क्षेत्र का भ्रमण राज्यपाल एवं केंद्रीय मंत्री से लेकर जिले के निवर्तमान एवं वर्तमान उपयुक्त कर चुके हैं। प्रखंड में उपरोक्त सभी सिंचाई सम्भावनाएं से आगंतुकों को अवगत कराया गया। जिसमें आश्वासन भी दिया गया। परंतु आजतक कोई कदम सरकार एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं उठाया गया। प्रखंड में खुशहाली लाने के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को ईमानदारी पूर्वक कृषि क्षेत्र में सजग होने की जरूरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now
---Advertisement---

और पढ़ें

*भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय लाल द्वारा नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सागर उरांव को सम्मानित किया – नगर निकाय चुनाव को लेकर चर्चा हुई दमखम के साथ अध्यक्ष एवं 22 वार्ड में प्रत्याशी चुनावी मैदान में होंगे* * 27 जनवरी को भाजपा कार्यालय में पहुंचेंगे प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू एवं विधायक अमित यादव भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू*

*आगामी नगर पालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में कोषांगों की बैठक आयोजित*

*उपायुक्त ने उग्रवादी हिंसा में मृतकों के 2 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पत्र सौंपा*

*कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं शहरी स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश*

*गुमला चेंबर ऑफ कॉमर्स सत्र 2026 की प्रथम मासिक बैठक अध्यक्ष राजेश लोहानी के अध्यक्षता में सम्पन्न*

एसआईटी ने बच्चा चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 15 आरोपी गिरफ्तार, 12 बच्चे बरामद

भीषण सड़क हादसा: ओरसा घाटी में पलटी रिजर्व बस, 6 की मौत की आशंका, 30 से अधिक घायल

मंदिर प्रांगण में विहिप–बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न, संगठन विस्तार व धर्म रक्षा निधि पर मंथन

अखिल भारतीय तैलीक साहू समाज की प्रखंड स्तरीय बैठक, पदाधिकारियों का चयन

क्षत्रिय गौरव एकता मिलन समारोह आयोजित, रांची रैली को लेकर बनी रणनीति

आंगनबाड़ी केंद्र मरम्मत में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों का प्रदर्शन

मनरेगा संविदा नियुक्ति परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न, 34 पदों के लिए 265 अभ्यर्थी हुए शामिल

Leave a Comment