सात महीने से नहीं मिली थी वृद्धावस्था पेंशन, अकेली रहती थीं 65 वर्षीय सोमरी; प्रखंड अधिकारियों ने कहा- केंद्र से नहीं आ रही राशि
हंटरगंज (चतरा)। हंटरगंज प्रखंड की करमा पंचायत के बखरडीह गांव में एक मार्मिक मामला सामने आया है। गांव की 65 वर्षीय सोमरी मसोमात की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को आपस में चंदा जुटाना पड़ा। ग्रामीणों ने सहयोग राशि इकट्ठा कर उनका अंतिम संस्कार कराया।
ग्रामीणों के अनुसार सोमरी के पति लक्ष्मण गंझू का निधन करीब 25 वर्ष पहले हो गया था और उनकी कोई संतान नहीं थी। तब से वह गांव में अकेले रह रही थीं। बुढ़ापे में वृद्धावस्था पेंशन ही उनका सहारा थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीने से उन्हें पेंशन नहीं मिली। आर्थिक तंगी के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी और ग्रामीणों के अनुसार इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।
वार्ड सदस्य गजल यादव और ग्रामीणों ने बताया कि मौत के बाद अंतिम संस्कार की समस्या खड़ी हो गई, तब गांव वालों ने मिलकर चंदा किया। सहयोग करने वालों में मोहित यादव, धनंजय कुमार, कुलदीप मिस्त्री, राजेश साव, नरेश यादव, देवदीप मिस्त्री, विजय दास, रविंद्र दास और केशव भारती समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
मामले में हंटरगंज बीडीओ का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं प्रखंड के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन की राशि पिछले सात महीने से नहीं आ रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की व्यवस्था और जरूरतमंदों को समय पर सरकारी सहायता मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने की मांग की है।




















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