PMLA के तहत अनंतिम कुर्की आदेश जारी; जयपुर की भूमि शामिल, जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED), दिल्ली ज़ोनल कार्यालय-II ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत शांति स्वरूप सतीजा एवं अन्य से जुड़े मामले में 1.66 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) संख्या 24/2026 दिनांक 21.10.2026 के जरिए की गई है।
ED के अनुसार, यह कुर्की अपराध से अर्जित धन के उस समतुल्य मूल्य के संबंध में है, जो मेसर्स श्री गणेशम बिल्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक अनिल कुमार शर्मा को हस्तांतरित हुआ और उनके पास मौजूद था। कुर्क संपत्तियों में राजस्थान के जयपुर जिले की तहसील विराट नगर स्थित ग्राम ढाणी गैसकान की भूमि शामिल है, जो उक्त कंपनी और उसके निदेशक के नाम पर है।
जांच के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज 10 एफआईआर के आधार पर ED ने मामला शुरू किया था। इन मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 420 और 120B के तहत की जा रही है। आरोप है कि शांति स्वरूप सतीजा ने मेसर्स संपत्ति ट्रेडिंग एंड डेवलपर्स लिमिटेड और मेसर्स संपत्ति डेवलपर्स के माध्यम से निवेशकों को विभिन्न निवेश योजनाओं और भूमि परियोजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित किया और 2-3 प्रतिशत मासिक प्रतिफल का वादा किया। शुरुआती अवधि में कुछ निवेशकों को प्रतिफल का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया और कई निवेशकों को मूलधन भी नहीं लौटाया गया।
ED की जांच में सामने आया कि शांति स्वरूप सतीजा द्वारा नियंत्रित संस्थाओं से धन मेसर्स श्री गणेशम बिल्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और अनिल कुमार शर्मा को राजस्थान में भूमि खरीदने के लिए हस्तांतरित किया गया। जांच के अनुसार, 1.66 करोड़ रुपये के समतुल्य अपराध से अर्जित धन उक्त कंपनी और उसके निदेशक को हस्तांतरित हुआ और उनके पास था। चूंकि मूल अपराध से अर्जित धन का उपयोग/व्यय हो चुका था, इसलिए PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत अपराध से अर्जित धन के मूल्य की सुरक्षा के लिए समतुल्य मूल्य की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
















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