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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 645 करोड़ रुपये के घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, सावन ज्वेलर्स का पार्टनर गिरफ्तार; 4 दिन की रिमांड

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ईडी का आरोप: हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी विभागों के धन की हेराफेरी में मदद की; पहले चार गिरफ्तार, 225 करोड़ की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय-II ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 645 करोड़ रुपये के कथित गबन घोटाले के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया को गिरफ्तार किया है। ईडी ने उन्हें 22 अक्टूबर को विशेष अदालत (पीएमएलए) में पेश किया, जहां से उन्हें 4 दिन की ईडी रिमांड मिली। ईडी ने 23 अक्टूबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।

ईडी के अनुसार कौन हैं राजन सिंह

ईडी के अनुसार, राजन सिंह कटोदिया चंडीगढ़ के सेक्टर 35सी (इनर मार्केट) स्थित सावन ज्वेलर्स के सक्रिय प्रबंध साझेदार हैं और फर्म के संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी।

कथित आपराधिक साजिश

ईडी का आरोप है कि राजन सिंह ने मुख्य आरोपी ऋभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची, जिसके तहत हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

जांच में 332 करोड़ रुपये की रकम

ईडी के अनुसार, सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते के विश्लेषण में सामने आया कि 6 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2026 के बीच खाते में करीब 332 करोड़ रुपये आए। यह रकम कथित तौर पर फर्जी (शेल) और माध्यमिक कंपनियों तथा लोगों से आई, जिन्हें ऋभव ऋषि नियंत्रित और संचालित करता था। इनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स, चंडीगढ़ मेगा स्टोर, एसआरआर प्लानिंग गुरुज प्रा. लि., विस्तामेड सॉल्यूशंस और मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर जैसे नाम शामिल हैं।

कथित रूप से अपराध की कमाई को खपाने में मदद

ईडी का दावा है कि राजन सिंह ने सावन ज्वेलर्स के जरिए ऋभव ऋषि को अपराध की कमाई को खपाने और छिपाने में मदद की। आरोप है कि इस रकम को परतों में बांटकर रोजमर्रा के कारोबार में इस्तेमाल किया गया और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाया गया। ईडी के अनुसार, ऋभव ऋषि से जुड़ने के तुरंत बाद सावन ज्वेलर्स की बुलियन (सोना-चांदी) खरीद में भारी उछाल आया, जो दोनों के बीच पहले से बनी साजिश की ओर इशारा करता है।

पहले चार गिरफ्तार, 225 करोड़ की संपत्ति जब्त

इसी मामले में ईडी पहले चार आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में ईडी ने करीब 225 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क, जब्त और फ्रीज की हैं। इसके अलावा ईडी ने 14 आरोपियों के खिलाफ पंचकूला की विशेष अदालत (पीएमएलए) में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है।

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