श्रम, सृजन और तकनीकी कौशल के देवता की आराधना..……
शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, लोहरदगा में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई विश्वकर्मा पूजा
“जहाँ श्रम का सम्मान होता है, वहाँ सृजन की नई राहें स्वयं प्रशस्त होती हैं।”_______________संजीव कुमार झा
शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, लोहरदगा में विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा, आस्था एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया गया। पूजन के माध्यम से निर्माण, शिल्प, तकनीकी कौशल एवं श्रम के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।
पूजन कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा सहित आचार्य श्यामसुंदर कुमार, राजीव सिंह, ऋषि रंजन, मुकेश सिन्हा, चालक जयमन, अंजू, उपचालक दीपक तथा सेवक विजय मांझी एवं विनोद उरांव उपस्थित रहे।
पूजन-अनुष्ठान संपन्न कराने का दायित्व पुरोहित जनार्दन मिश्रा ने निभाया, जबकि मुकेश सिन्हा यजमान की भूमिका में रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक भगवान विश्वकर्मा की आराधना करते हुए विद्यालय की सुख-समृद्धि, प्रगति एवं सभी के मंगल की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा केवल औजारों और उपकरणों की पूजा का पर्व नहीं, बल्कि श्रम, कौशल, अनुशासन और सृजनशीलता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। प्रत्येक कार्य को निष्ठा एवं उत्कृष्टता के साथ करना ही इस पर्व की वास्तविक भावना है।
पूजन के उपरांत उपस्थित सभी सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विद्यालय की निरंतर उन्नति एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की।






















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