दावा-आपत्तियों का निष्पक्ष निराकरण कर अंतिम मेधा सूची तैयार करने का निर्देश
चतरा। समेकित बाल संरक्षण योजना ‘मिशन वात्सल्य’ के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण कार्यालय में रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति एवं कार्यरत कर्मियों के सेवा अवधि विस्तार को लेकर मंगलवार, 16 सितंबर को उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला नियुक्ति समिति रवि आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा बाल संरक्षण से जुड़े कार्यों के सुचारु संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मिशन वात्सल्य के तहत चार पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन, प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी तथा दावा-आपत्तियों के निराकरण की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने नियुक्ति नियमावली, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप सभी दावा-आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित निराकरण करने और इसके बाद अंतिम मेधा सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं करने तथा निर्धारित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कर्मियों के कार्य प्रदर्शन का भी हुआ मूल्यांकन
बैठक के दौरान जिला बाल संरक्षण कार्यालय (डीसीपीयू) में कार्यरत पुराने एवं नए कर्मियों के कार्य प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में कार्यरत कर्मियों के सेवा अवधि विस्तार से संबंधित प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से कर्मियों के कार्य मूल्यांकन एवं सेवा अवधि विस्तार की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि बाल संरक्षण से जुड़े कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बैठक में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग मिथुन मांझी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के प्रतिनिधि, स्थापना उप समाहर्ता के प्रतिनिधि तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद उपस्थित थीं।




















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