झोलाछाप डॉक्टर की घोर लापरवाही: गलत सलाइन चढ़ाने से 50 वर्षीय महेंद्र गंझु की मौत; इलाके में हड़कंप
न्यूज स्केल लाइव
चतरा (कुंदा)। चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र के बघौता गांव से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप डॉक्टरों के आतंक से जुड़ी एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की घोर लापरवाही और गलत इलाज के कारण एक ग्रामीण को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। रविवार की शाम करीब 5 बजे गलत तरीके से सलाइन (पानी) चढ़ाने की वजह से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
सलाइन लगाकर घर चला गया था डॉक्टर, हालत बिगड़ने पर हुआ फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बघौता गांव निवासी महेंद्र गंझु (50 वर्ष, पिता- स्वर्गीय रमेश गंझु) की तबीयत थोड़ी खराब होने पर परिजनों ने गांव के ही कथित झोलाछाप डॉक्टर उमेश यादव को इलाज के लिए बुलाया था। उमेश यादव ने महेंद्र गंझु के घर पहुंचकर उन्हें एक सलाइन (बोतल) चढ़ा दी और खुद वहां से चला गया।
सलाइन चढ़ने के कुछ ही समय बाद मरीज के शरीर में गलत रिएक्शन होने लगा और उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जब परिजनों ने मरीज के शरीर में अस्वाभाविक और गलत एक्टिविटी (छटपटाहट) देखी, तो उन्होंने इसकी तत्काल सूचना फोन कर उक्त कथित डॉक्टर को दी। सूचना मिलने पर डॉक्टर उमेश यादव आनन-फानन में मरीज के पास पहुंचा। लेकिन मरीज की गंभीर स्थिति को देखकर और अपनी चोरी पकड़े जाने के डर से उसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। डॉक्टर ने मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके से नीडल (सुई), बोतल सहित इलाज से जुड़ी तमाम दवाइयां और सबूत समेटे और वहां से सीधे फरार हो गया। इसके कुछ ही देर बाद महेंद्र गंझु ने दम तोड़ दिया।
सरकारी स्कूल का शिक्षक है आरोपी!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू यह सामने आ रहा है कि इलाज करने वाला आरोपी उमेश यादव कोई प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं है, बल्कि वह बटकुइया विद्यालय का एक सरकारी शिक्षक बताया जा रहा है। स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ वह इलाके में अवैध रूप से क्लिनिक चलाकर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बोले— ‘सूचना नहीं मिली, जांच कर होगी सख्त कार्रवाई’
इस अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामले के संदर्भ में जब कुंदा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल इस घटना की कोई लिखित या आधिकारिक सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“मामला बेहद गंभीर है। यदि गलत इलाज और लापरवाही से किसी ग्रामीण की मौत की बात सामने आई है, तो विभाग स्तर पर इसकी त्वरित एवं गहन जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्जी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
इधर, घटना के बाद से आरोपी शिक्षक सह झोलाछाप डॉक्टर घर छोड़कर फरार है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय कुंदा थाना पुलिस से शव का पोस्टमार्टम कराने और दोषी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर अविलंब गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।




















Total Users : 1033299
Total views : 2817631