भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, बोलेदृ “आखिर किस बात का दे रहे हैं बिजली बिल?
सिमरिया (चतरा)। सिमरिया अनुमंडल मुख्यालय में बिजली आपूर्ति की स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली महज पांच-पांच मिनट के लिए आती है और फिर घंटों गायब हो जाती है। लगातार हो रही इस आंख-मिचौनी से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात में बिजली कटौती सबसे बड़ी समस्या बन गई है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्गों और मरीजों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पूरी रात बिजली आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है, जिससे न तो पर्याप्त आराम मिल पा रहा है और न ही घरेलू कार्य सुचारु रूप से हो पा रहे हैं। स्थिति यह है कि अनुमंडल कार्यालय, रेफरल अस्पताल, सिमरिया थाना सहित कई सरकारी संस्थानों में जनरेटर के सहारे कामकाज चल रहा है, जबकि आम लोग अंधेरे और भीषण गर्मी से जूझने को मजबूर हैं। बार-बार बिजली आने-जाने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से न तो कटौती की कोई पूर्व सूचना दी जाती है और न ही समस्या के समाधान को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाती है। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली की हालत ऐसी हो गई है कि पांच मिनट के लिए आती है और फिर घंटों गायब हो जाती है। आखिर वे बिजली बिल किस बात का भुगतान कर रहे हैं। लोगों ने विभाग से अविलंब बिजली व्यवस्था में सुधार कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस संबंध में विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के एसडीओ सत्यदेव प्रसाद से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। समाचार प्रेषण तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।






















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