व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर झांसा देने और फीस लौटाने से इनकार का आरोप, जांच की उठी मांग
चतरा। एनटीपीसी द्वारा संचालित डीएवी पब्लिक स्कूल में नामांकन प्रक्रिया को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। एक अभिभावक ने विद्यालय प्रबंधन पर व्हाट्सएप समूह के माध्यम से भ्रमित कर नामांकन कराने तथा बाद में वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने जैक बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर प्राप्त कर गर्मी की छुट्टियों के दौरान “डीएवी पब्लिक स्कूल इंग्रेस 11” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें प्राचार्य सहित कई शिक्षक भी जुड़े हुए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस समूह के माध्यम से यह भरोसा दिलाया गया कि जैक बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए अलग कक्षाएं संचालित होंगी तथा हिंदी माध्यम से पढ़ाई और अंतिम परीक्षा की व्यवस्था की जाएगी। भुक्तभोगी के अनुसार, अवकाश समाप्त होने के बाद जब छात्र विद्यालय पहुंचा तो शिक्षकों ने बताया कि पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न और अंग्रेजी माध्यम से होगी। साथ ही यह भी सामने आया कि व्हाट्सएप समूह में शामिल अधिकांश लोगों का विद्यालय में नामांकन ही नहीं था। इस पर परिजनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद छात्र को स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) दे दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नामांकन के समय जमा कराए गए 23,385 रुपये वापस करने से विद्यालय प्रबंधन ने इनकार कर दिया। वहीं, मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद कथित रूप से संबंधित व्हाट्सएप समूह से सदस्यों को हटा दिया गया। समाचार लिखे जाने तक विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इधर, भुक्तभोगी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।























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