सड़क दुर्घटना के घायलों, थैलेसीमिया और कैंसर पीड़ितों को राहत देने की तैयारी; डीसी ने युवाओं और सामाजिक संगठनों से की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले में जरूरतमंद और गंभीर मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने तथा आम जनता के बीच स्वैच्छिक रक्तदान (Voluntary Blood Donation) के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा अपनी पहल तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से रक्तदान शिविर (Blood Donation Camps) आयोजित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों के साथ-साथ थैलेसीमिया, कैंसर, प्रसूति (डिलीवरी) एवं अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आपातकाल में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जिंदगी बचाई जा सके।
टंडवा की कोल परियोजनाओं को रेड क्रॉस के साथ मिलकर काम करने का आदेश
जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त (DC) रवि आनंद ने जिले के औद्योगिक और कोयलांचल क्षेत्र टंडवा में संचालित विभिन्न कोल परियोजनाओं के वरीय पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सभी कोल परियोजनाएं रेड क्रॉस सोसाइटी, चतरा से तत्काल समन्वय (Coordination) स्थापित करें और अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अंतराल पर रक्तदान शिविरों का अनिवार्य रूप से आयोजन सुनिश्चित करें।
सड़क सुरक्षा और जनहित को सर्वोपरि बताते हुए उपायुक्त ने आम जनता से भी स्वेच्छा से इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा: “रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी और सर्वोत्तम सेवा है। हमारे द्वारा डोनेट किया गया महज एक यूनिट रक्त अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक और सहायक साबित हो सकता है।”
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जारी हुआ कड़ा निर्देश
उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चतरा जिले के भीतर रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और ब्लड बैंकों को समृद्ध रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए जिले के ऊर्जावान युवाओं, प्रबुद्ध सामाजिक संगठनों और विभिन्न सरकारी व निजी संस्थानों की सक्रिय सहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक ग्रामीण व शहरी लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा यह कड़ा और मानवीय निर्देश शनिवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिया गया था, ताकि दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को खून की कमी से न जूझना पड़े।
“थैलेसीमिया और कैंसर मरीजों के लिए आगे आए समाज” : धर्मेंद्र पाठक
जिला प्रशासन के इस रुख और निर्देश का स्वागत करते हुए रेड क्रॉस सोसाइटी, चतरा के सचिव धर्मेंद्र पाठक ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग से चतरा में लगातार रक्तदान शिविरों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
सचिव ने जिले के युवाओं और सामाजिक संस्थाओं से स्वैच्छिक रक्तदान की इस मुहिम को आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि थैलेसीमिया, कैंसर एवं अन्य प्रसूति जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मासूमों और मरीजों को नियमित रूप से नए रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में समाज के सभी समृद्ध और जागरूक वर्गों को इस अत्यंत मानवीय कार्य में अपनी सहभागिता और जिम्मेदारी हर हाल में सुनिश्चित करनी चाहिए।





















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