शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न और शराब पिलाने का आरोप; पांच विशेष टीमें कर रहीं लोकेशन ट्रेस, बीआरएस (BRS) ने मांगा केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा
तेलंगाना से एक बेहद हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ से जुड़े पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिसिया जांच तेज हो गई है। साइबराबाद पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस बेहद संवेदनशील मामले में नाबालिग पीड़िता और उसके माता-पिता का बयान मेडचल जिला कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया है। यह न्यायिक बयान करीब 40 मिनट तक चला, जिसमें पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई।
लोकेशन ट्रेस करने के लिए LOC और 5 विशेष टीमें
मामले की गंभीरता और आरोपी के रसूख को देखते हुए साइबराबाद पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया: लुक-आउट सर्कुलर: बंदी साई भागीरथ की तलाश के लिए एक लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके। टेक्निकल सर्विलांस: आरोपी को पकड़ने के लिए 5 स्पेशल टीमों का गठन किया गया है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), आईपी एड्रेस और आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। यह पूरा मामला साइबराबाद के पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा है, जिसमें यौन उत्पीड़न और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
शादी का झांसा और शराब पीने का दबाव: FIR के मुख्य बिंदु
नाबालिग पीड़िता की माँ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार: आरोपी बंदी साई भागीरथ ने शादी का झूठा वादा करके उनकी बेटी के साथ जबरन रिश्ता बनाया और बाद में उसके साथ गलत व्यवहार (यौन उत्पीड़न) किया। आरोपी पर लड़की को जबरदस्ती शराब पीने के लिए मजबूर करने का भी आरोप है। प्राथमिकी के अनुसार, जब आरोपी ने रिश्ता तोड़ दिया, तो गहरे मानसिक तनाव में आकर नाबालिग लड़की ने खुद को नुकसान पहुंचाने (आत्मघाती कदम) की भी कोशिश की थी।
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग; ‘पैसे देकर मामला दबाने’ का आरोप
इस मामले ने अब पूरी तरह से राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के एमएलसी दसोजू श्रवण कुमार ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। “भले ही केंद्रीय मंत्री अपने बेटे के कथित अपराध के लिए सीधे जिम्मेदार न हों, लेकिन उन पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने इस संवेदनशील मामले को रफा-दफा करने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनवाया, बिचौलियों को बीच में उतारा और पैसे देकर मामला शांत कराने की कोशिश की।” — दसोजू श्रवण कुमार, BRS MLC
आरोपी की सफाई और कोर्ट पहुंचे पिता-पुत्र
भागीरथ का दावा: दूसरी ओर, आरोपी बंदी साई भागीरथ ने इन तमाम आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह उनके परिवार के खिलाफ रची गई साजिश है और लड़की का परिवार उनसे अवैध रूप से पैसे ऐंठने के लिए धमकियां दे रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए भागीरथ ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी लगाई है। केंद्रीय मंत्री की याचिका: वहीं, केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी अदालत में एक याचिका दायर कर मीडिया और सोशल मीडिया पर उनके परिवार के खिलाफ चल रही कथित अपमानजनक और भ्रामक सामग्री को तुरंत हटाने की मांग की है। हाई-प्रोफाइल राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के कारण इस मामले पर देश भर के मीडिया और कानूनी जानकारों की नजरें टिकी हुई हैं।





















Total Users : 966672
Total views : 2728118